ओवल टेस्ट में भारत की ‘बराबरी की जंग’, जानें यहां के 5 सबसे सफल भारतीय बल्लेबाज़

भारत और इंग्लैंड के बीच जारी पांच मैचों की टेस्ट सीरीज अब अपने आखिरी और निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। आज से लंदन के ऐतिहासिक केनिंग्टन ओवल मैदान पर अंतिम टेस्ट मैच की शुरुआत हो गई है। इंग्लैंड सीरीज में 2-1 से आगे है और उसकी कोशिश होगी कि आखिरी टेस्ट जीतकर सीरीज 3-1 से अपने नाम करे। वहीं भारतीय टीम की नज़र जीत पर है, ताकि सीरीज 2-2 से बराबरी पर खत्म की जा सके। भारतीय बल्लेबाज़ों ने इस दौरे में कई मौकों पर शानदार प्रदर्शन किया है। फैंस को उम्मीद है कि ओवल टेस्ट में भी भारतीय बल्लेबाज़ों का बल्ला जमकर बोलेगा। ऐसे में आइए एक नजर डालते हैं उन पांच भारतीय बल्लेबाज़ों पर, जिन्होंने ओवल मैदान पर अब तक सबसे ज्यादा रन बनाए हैं और इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया है।

राहुल द्रविड़ – 443 रन

‘द वॉल’ के नाम से मशहूर राहुल द्रविड़ ओवल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज़ हैं। उन्होंने 2002 से 2011 के बीच यहां तीन टेस्ट मैच खेले, जिनमें उन्होंने शानदार 443 रन बनाए। उनका औसत 110.75 रहा। द्रविड़ ने यहां दो शानदार शतक लगाए, जिनमें उनकी सर्वश्रेष्ठ पारी 217 रन की रही। ओवल की हरियाली और स्विंगिंग परिस्थितियों में द्रविड़ का संयम और तकनीक बेमिसाल रहा।

 सचिन तेंदुलकर – 272 रन

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का बल्ला ओवल में भी चला है। उन्होंने यहां छह पारियों में 272 रन बनाए। हालांकि वह कभी शतक नहीं बना सके, लेकिन तीन अर्धशतकों के साथ उन्होंने टीम को कई बार मजबूत शुरुआत दी। ओवल की पिच पर उनकी बल्लेबाज़ी हमेशा आत्मविश्वास से भरी रही।

3. रवि शास्त्री – 253 रन

टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर और पूर्व कोच रवि शास्त्री ने ओवल में सिर्फ दो टेस्ट मैच खेले, लेकिन उन्होंने 253 रन बनाकर सबको चौंका दिया। खासकर उनकी 187 रनों की पारी आज भी भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को याद है। यह उनकी सबसे शानदार पारियों में से एक मानी जाती है।

4. केएल राहुल – 249 रन

मौजूदा दौर के सलामी बल्लेबाज़ केएल राहुल भी ओवल में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। उन्होंने अब तक यहां दो टेस्ट मैच खेले हैं और 249 रन बनाए हैं। 2018 में उनकी 149 रन की क्लासिक पारी आज भी याद की जाती है, जब उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ तेज गेंदबाजों का डटकर सामना किया था।

गुंडप्पा विश्वनाथ – 241 रन

1970 के दशक के तकनीकी बल्लेबाज़ गुंडप्पा विश्वनाथ ने 1971 से 1982 के बीच ओवल में तीन टेस्ट मैच खेले। इस दौरान उन्होंने 48.20 की औसत से 241 रन बनाए। तीन अर्धशतक उनके नाम रहे और उनका खेल इंग्लैंड की स्विंगिंग परिस्थितियों में हमेशा संतुलित और आकर्षक दिखा।

क्या भारत बना पाएगा इतिहास?

अब जब भारत सीरीज बचाने के लिए “करो या मरो” की स्थिति में है, ओवल टेस्ट में इन महान बल्लेबाज़ों की प्रेरणा भारतीय टीम के लिए अहम साबित हो सकती है। अगर मौजूदा बल्लेबाज़ इन आंकड़ों के करीब भी पहुंचते हैं, तो भारत के पास सीरीज को ड्रॉ करने का सुनहरा मौका है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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