बांदीकुई और बसवा क्षेत्र के लोगों को समुचित पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जलदाय विभाग ने कमर कस ली है। विभाग की ओर से एक महत्वाकांक्षी पाइपलाइन योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिसके तहत शहरी क्षेत्र में करीब 120 किलोमीटर और बांदीकुई-बसवा क्षेत्र में कुल मिलाकर लगभग 150 किलोमीटर नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस योजना पर काम मार्च 2026 से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
योजना के पूरा होने के बाद बांदीकुई शहरी क्षेत्र के लगभग 6,610 नल उपभोक्ताओं को प्रतिदिन नियमित जलापूर्ति संभव हो सकेगी। इस पूरी परियोजना पर करीब 102 करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जिसमें से लगभग 72 करोड़ रुपये बांदीकुई शहरी क्षेत्र और 30 करोड़ रुपये बसवा क्षेत्र के लिए निर्धारित किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि विधायक भागचंद टाकड़ा की पहल पर इस योजना को मुख्यमंत्री बजट घोषणा में स्वीकृति मिली थी। फिलहाल योजना की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा।
इसरदा बांध परियोजना से जुड़ेगी पाइपलाइन
नई पाइपलाइन बिछने के बाद इसे इसरदा बांध परियोजना से जोड़ने की तैयारी है। विभाग का लक्ष्य है कि यह कार्य मई या जून 2026 तक पूरा कर लिया जाए। इसरदा बांध से आने वाले पानी के भंडारण की व्यवस्था भी पहले ही कर ली गई है। इसके तहत श्यालावास पंप हाउस पर 75 लाख लीटर क्षमता का ग्राउंड वाटर टैंक (जलाशय) बनकर तैयार है, जिसे इसरदा की राइजिंग पाइपलाइन से जोड़ा जाएगा। यहां संग्रहित पानी को शहरी क्षेत्र में नई पाइपलाइन के माध्यम से वितरित किया जाएगा।
प्रतिदिन 65 लाख लीटर पानी की जरूरत
जलदाय विभाग के अनुसार बांदीकुई शहरी क्षेत्र की आबादी को प्रतिदिन करीब 65 लाख लीटर पानी की आवश्यकता होती है, जबकि वर्तमान में आपूर्ति पर्याप्त नहीं हो पा रही है। गर्मियों के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। विभाग का उद्देश्य है कि मई-जून 2026 तक जल उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
अवैध कनेक्शनों पर होगी सख्ती
नई पाइपलाइन बिछाने के दौरान अवैध नल कनेक्शनों की पहचान की जाएगी और ऐसे कनेक्शनों को विच्छेदित किया जाएगा। इसके साथ ही लंबे समय से बकाया बिल जमा नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को भी चिन्हित किया जाएगा। जिन उपभोक्ताओं ने कागजों में कनेक्शन कटवाने का आवेदन दे रखा है, लेकिन मौके पर कनेक्शन चालू पाए जाएंगे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस परियोजना के पूरा होने से बांदीकुई और बसवा क्षेत्र के हजारों लोगों को वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







