संसद गेट पर तीखी झड़प: राहुल गांधी–रवनीत बिट्टू आमने-सामने, पीएम मोदी और चीन मुद्दे पर गरमाई सियासत

बुधवार को संसद परिसर के बाहर उस समय सियासी माहौल और गरमा गया, जब कांग्रेस सांसदों के प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का आमना-सामना हो गया। कांग्रेस सांसद हाथों में तख्तियां लेकर संसद गेट पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस देखने को मिली, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आमने-सामने होने पर माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। राहुल गांधी ने मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पर तीखा तंज कसते हुए उन्हें “गद्दार दोस्त” कहा। इस बयान पर पलटवार करते हुए बिट्टू ने राहुल गांधी को “देश का दुश्मन” करार दिया। कुछ देर तक दोनों पक्षों के बीच शब्दों का तीखा आदान-प्रदान चलता रहा, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों और अन्य सांसदों ने स्थिति को संभाला।

पीएम मोदी पर राहुल गांधी का सीधा हमला

इस घटनाक्रम के साथ ही राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि प्रधानमंत्री में आज लोकसभा आने की हिम्मत होगी। राहुल गांधी ने दावा किया कि अगर प्रधानमंत्री सदन में आते हैं तो वह उन्हें एक किताब सौंपेंगे, ताकि देश को सच्चाई पता चल सके। राहुल गांधी ने कहा कि यह किताब पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे की है, जिसमें लद्दाख से जुड़े घटनाक्रम का विस्तृत उल्लेख है। उन्होंने यह भी कहा कि वे किताब के अंशों को सीधे उद्धृत नहीं कर सकते, लेकिन इसकी “मेन लाइन” वही है, जो प्रधानमंत्री ने कही थी—“जो समझो, वो करो।”

चीन और लद्दाख मुद्दे पर सरकार को घेरा

राहुल गांधी ने संसद और संसद के बाहर मीडिया से बातचीत में चीन और लद्दाख से जुड़े मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि जब चीनी टैंक कैलाश रिज तक पहुंच गए थे, तब तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को फोन कर स्थिति की जानकारी दी और पूछा कि आगे क्या करना चाहिए। राहुल गांधी के अनुसार, शुरुआत में उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। बाद में रक्षा मंत्री ने यह कहते हुए बात टाल दी कि वह “टॉप” से पूछेंगे। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ऊपर से यह स्टैंडिंग ऑर्डर था कि अगर चीनी सेना अंदर आती है तो बिना अनुमति गोली नहीं चलाई जाए।

उन्होंने कहा कि सेना चीनी टैंकों पर कार्रवाई करना चाहती थी, क्योंकि वे भारतीय क्षेत्र में घुस आए थे, लेकिन राजनीतिक नेतृत्व की ओर से स्पष्ट निर्देश नहीं मिले। राहुल गांधी ने दावा किया कि जनरल नरवणे ने अपनी किताब में यह तक लिखा है कि उस समय उन्हें अकेलापन महसूस हुआ और पूरी व्यवस्था ने उनका साथ छोड़ दिया।

पहले भी हो चुकी है बहस

यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी और रवनीत सिंह बिट्टू के बीच इस तरह की तीखी बहस सामने आई हो। इससे पहले भी दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी हो चुकी है। सितंबर 2024 में बिट्टू ने राहुल गांधी पर सिख समुदाय को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया था और कहा था कि सिख समुदाय किसी एक राजनीतिक दल से बंधा हुआ नहीं है।

सियासत हुई तेज

संसद गेट पर हुई इस ताजा नोकझोंक के बाद राजनीतिक माहौल और ज्यादा गर्म हो गया है। एक ओर कांग्रेस इस मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा और सरकार की जवाबदेही से जोड़कर उठा रही है, वहीं दूसरी ओर सत्तापक्ष राहुल गांधी के बयानों को गैर-जिम्मेदाराना बता रहा है। आने वाले दिनों में इस बयानबाजी के संसद के भीतर और बाहर और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

Leave a Comment