राजस्थान सरकार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना के तहत प्रदेश के गांवों को गरीबी से मुक्त करने की बड़ी पहल शुरू कर दी है। इस योजना के पहले चरण में 5 हजार गांवों के बीपीएल परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। आइये जानते हैं इस योजना को लाने का सरकार का क्या उद्देश्य है एवं यह कैसे काम करेगी।
क्या है योजना का उद्देश्य?
दरअसल राजस्थान में 2002 की बीपीएल जनगणना के अनुसार लगभग 22 लाख परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। इन परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार ने 300 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है।
कैसे काम करेगी योजना?
पहले चरण में कम बीपीएल परिवार वाले 5,000 गांवों को चुना गया है। प्रत्येक परिवार को 102 केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं से जोड़ा जाएगा और हर तीन महीने में प्रगति की समीक्षा की जाएगी। गरीबी रेखा से ऊपर आने वाले परिवारों को 21,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि और आत्मनिर्भर परिवार कार्ड दिया जाएगा।
किन योजनाओं से मिलेगा लाभ?
इस योजना में मिलने वाले लाभ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान दिया जायेगा। उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन दिया जायेगा। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को 15,000 रुपये तक की कार्यशील पूंजी प्रदान की जोयेगी। साथ ही बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति प्रदान की जोयगी।
अधिकारियों ने क्या कहा?
पंचायती राज विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “जिला कलेक्टरों को इस महीने तक गांवों का सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। योजना का पूरा फोकस लोगों को सशक्त बनाने पर है।”
कब तक मिलेगा लाभ?
यह योजना 1 अप्रैल 2025 से पूरे प्रदेश में लागू हो चुकी है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले तीन साल में सभी चयनित गांवों को गरीबी मुक्त किया जाए।

Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।