राजस्थान में मतपेटी से होंगे पंच-सरपंच के चुनाव, चुनाव आयोग ने जारी किए दिशा-निर्देश

जयपुर: राजस्थान में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने पंच और सरपंच पदों के चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत पंच और सरपंच पदों के चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय मतपेटियों के माध्यम से कराए जाएंगे। आयोग ने नामांकन प्रक्रिया, चुनाव चिन्ह आवंटन और मतपत्र तैयार करने से संबंधित नियम भी स्पष्ट किए हैं। इसके अलावा मतदाताओं को नोटा (NOTA) का विकल्प भी मिलेगा।

राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, पंच और सरपंच पदों के लिए नामांकन पत्र जमा करने, उनकी जांच और नाम वापस लेने की प्रक्रिया एक ही दिन पूरी की जाएगी। चुनाव प्रक्रिया को राजस्थान पंचायतीराज (निर्वाचन) नियम, 1994 के प्रावधानों के तहत संपन्न कराया जाएगा।

एक ही दिन पूरी होगी नामांकन प्रक्रिया

राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, पंचायत चुनाव में पंच और सरपंच पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) की ओर से नियुक्त रिटर्निंग अधिकारी की देखरेख में पूरी होगी। इस कार्य में सहायता के लिए मतदान दल के कर्मचारियों को भी नियुक्त किया जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि नामांकन पत्र प्राप्त करने, उनकी संवीक्षा यानी जांच करने और उम्मीदवारों को नाम वापस लेने का अवसर देने की प्रक्रिया एक ही दिन आयोजित की जाएगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी व्यवस्थाएं करनी होंगी।

उम्मीदवारों को हिंदी वर्णमाला के अनुसार मिलेंगे चुनाव चिन्ह

पंचायत चुनाव में जिन उम्मीदवारों के नामांकन पत्र स्वीकार किए जाएंगे और जिन्होंने नाम वापस नहीं लिया होगा, उन्हें चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। पंच और सरपंच पदों के लिए अलग-अलग चुनाव चिन्ह निर्धारित किए जाएंगे। आयोग के निर्देशों के मुताबिक, उम्मीदवारों की सूची हिंदी वर्णमाला के क्रम में तैयार की जाएगी। इसी क्रम के अनुसार उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। नामांकन से संबंधित सभी दस्तावेजों को P-1 लिफाफे में सुरक्षित रखा जाएगा। हालांकि, इन लिफाफों को सीलबंद नहीं किया जाएगा।

मतपेटी से होगा मतदान, मतपत्रों के रंग और प्रारूप निर्धारित

राज्य निर्वाचन आयोग ने पंच और सरपंच पदों के चुनाव के लिए मतपत्रों के रंग और प्रारूप का निर्धारण भी किया है। आयोग के निर्देशानुसार, मतपत्रों पर केवल चुनाव चिन्ह मुद्रित होंगे। उम्मीदवारों के नाम लिखने के लिए निर्धारित स्थान खाली रखा जाएगा। मतदान दल के अधिकारी और कर्मचारी उम्मीदवारों को आवंटित चुनाव चिन्ह के सामने खाली स्थान पर काले बॉल पेन से उनका नाम लिखेंगे। इस प्रक्रिया में उम्मीदवारों के नाम सही तरीके से लिखने की जिम्मेदारी मतदान दल के कर्मचारियों की होगी। आयोग के अनुसार, मतपत्रों पर उम्मीदवारों के नाम लिखने का काम ग्राम पंचायत स्तर पर ही किया जाएगा। यह प्रक्रिया प्ररूप-5 में प्रदर्शित किए जाने के बाद पूरी होगी। मतदान के दौरान इन्हीं तैयार किए गए मतपत्रों का इस्तेमाल किया जाएगा।

पंचायत चुनाव में मतदाताओं को मिलेगा NOTA का विकल्प

राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 में मतदाताओं को नोटा (NOTA) का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाएगा। नोटा का मतलब है कि मतदाता चुनाव मैदान में मौजूद किसी भी उम्मीदवार को पसंद नहीं करता है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से नोटा के निर्धारित चुनाव चिन्ह वाला स्टीकर मुद्रित करवाकर उपलब्ध कराया जाएगा। इस स्टीकर को उम्मीदवारों की सूची में अंतिम उम्मीदवार के नाम के बाद अगले स्थान पर चिपकाया जाएगा। इस व्यवस्था के जरिए मतदाता किसी भी उम्मीदवार को पसंद नहीं होने की स्थिति में नोटा का विकल्प चुन सकेंगे।

राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 की तैयारियां तेज

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के बाद पंचायत चुनाव की प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक तैयारियां महत्वपूर्ण हो गई हैं। आयोग ने नामांकन से लेकर मतपत्र तैयार करने और मतदान कराने तक की प्रक्रिया स्पष्ट कर दी है।  पंच और सरपंच पदों के चुनाव मतपेटियों के माध्यम से कराए जाने के साथ ही उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित करने और मतदाताओं को नोटा का विकल्प देने की व्यवस्था भी की गई है। हालांकि, पंचायत चुनाव की तारीखों और अन्य कार्यक्रमों की जानकारी के लिए आयोग की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।

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Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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