राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को भावुक नजर आए। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने विपक्ष, खासतौर पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग देश में “मोहब्बत की दुकान” खोलने का दावा करते हैं, वही लोग दरअसल उनकी कब्र खोदने की साजिश रच रहे हैं। प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद सदन में हंगामे की स्थिति बन गई और विपक्षी सांसदों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया।
‘मोहब्बत की दुकान का ढोंग’
पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “ये लोग बाहर मोहब्बत की दुकान चलाने की बात करते हैं, लेकिन पीठ पीछे मेरी कब्र खोदने में लगे रहते हैं।” उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि हाल ही में उसकी एक रैली में “मोदी तेरी कब्र खुदेगी” जैसे आपत्तिजनक नारे लगवाए गए, जो न केवल लोकतंत्र बल्कि पूरे देश के लिए शर्मनाक हैं। प्रधानमंत्री ने इसे नफरत की राजनीति बताते हुए कांग्रेस से सार्वजनिक माफी की मांग की।
विकसित भारत की नींव रख रही सरकार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ‘विकसित भारत’ की मजबूत नींव तैयार कर रही है, लेकिन विपक्ष को देश की प्रगति से तकलीफ हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार दिन-रात देशहित में काम कर रही है, जबकि विपक्ष का एकमात्र एजेंडा नफरत फैलाना और षड्यंत्र करना बन गया है।
अनुच्छेद 370 से ऑपरेशन सिंदूर तक
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने सरकार की प्रमुख उपलब्धियों का भी विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला ऐतिहासिक था, जिससे वहां शांति और विकास का रास्ता खुला, लेकिन विपक्ष ने इसका भी विरोध किया। उन्होंने उत्तर-पूर्वी राज्यों में शांति बहाली के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों से हिंसा और बम-बारूद की छाया में जी रहे इलाकों में अब अमन लौट रहा है। प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख का जिक्र करते हुए “ऑपरेशन सिंदूर” का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के जरिए पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और माओवादी हिंसा के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की गई, लेकिन विपक्ष इन सफलताओं पर चुप्पी साधे बैठा है।
विपक्ष का काम ‘नफरत और षड्यंत्र’
भावुक होते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष की नफरत और साजिशों के बावजूद सरकार देश को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह राजनीति में नकारात्मकता फैलाने के बजाय राष्ट्र निर्माण में सहयोग करे। पीएम मोदी के इस आक्रामक और भावनात्मक भाषण ने संसद का माहौल पूरी तरह गर्मा दिया। जहां सत्ता पक्ष ने मेज थपथपाकर उनका समर्थन किया, वहीं विपक्ष ने उनके बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। बजट सत्र के बीच प्रधानमंत्री का यह भाषण आने वाले दिनों में सियासी बहस का बड़ा मुद्दा बनता नजर आ रहा है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







