ट्रंप को बड़ा झटका: स्पेन ने अमेरिका के लिए बंद किया अपना एयरस्पेस, ईरान के खिलाफ युद्ध को बताया ‘अवैध’

ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी-इजरायली सैन्य अभियान के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यूरोप से एक बड़ा कूटनीतिक झटका लगा है। नाटो (NATO) सहयोगी स्पेन ने अमेरिकी युद्धक विमानों और ईरान ऑपरेशन से जुड़ी सभी उड़ानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) पूरी तरह बंद कर दिया है। प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज की सरकार ने इस युद्ध को ‘अवैध’ करार देते हुए अमेरिका के सैन्य दबाव के आगे झुकने से साफ इनकार कर दिया है।

‘हम किसी के गुलाम नहीं’: स्पेन का कड़ा रुख

स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गरिटा रोबल्स ने मैड्रिड में पत्रकारों से बात करते हुए दोटूक कहा कि स्पेन अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया: सैन्य अड्डों पर पाबंदी: स्पेन ने रोटा और मोरॉन सैन्य अड्डों के उपयोग की अनुमति रद्द कर दी है। तीसरे देशों पर भी रोक: ब्रिटेन या फ्रांस जैसे अन्य देशों से आने वाले अमेरिकी विमान भी अब स्पेनिश हवाई क्षेत्र का उपयोग नहीं कर पाएंगे। रोबल्स ने जोर देकर कहा, “हम किसी के गुलाम नहीं हैं। हम ईरान में युद्ध से संबंधित किसी भी सैन्य कार्रवाई को अधिकृत नहीं करते हैं।”

नाटो की एकजुटता पर संकट और ट्रंप की धमकी

स्पेन के इस फैसले ने नाटो गठबंधन के भीतर दरार पैदा कर दी है। ट्रंप प्रशासन ने इस कदम पर नाराजगी जाहिर करते हुए स्पेन पर व्यापारिक प्रतिबंध (Trade Sanctions) लगाने की धमकी दी है। हालांकि, मैड्रिड अपनी स्थिति पर अडिग है। स्पेन का तर्क है कि अमेरिका-इजरायल की यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है।

ऑपरेशन की लागत और समय में भारी बढ़ोतरी

स्पेन द्वारा हवाई मार्ग बंद किए जाने के कारण अमेरिकी फाइटर जेट्स और टैंकर विमानों को अब लंबा रूट अपनाना पड़ रहा है। सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार:

  1. बढ़ती लागत: लंबे रूट की वजह से ईंधन और ऑपरेशनल खर्च में करोड़ों डॉलर का इजाफा हुआ है।

  2. समय की बर्बादी: मिशन के समय में वृद्धि हुई है, जिससे मिडिल ईस्ट में अमेरिकी वायु सेना की ‘क्विक रिस्पांस’ क्षमता पर असर पड़ा है। हालांकि, मानवीय आधार पर केवल आपातकालीन उड़ानों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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