UAE में फंसे भारतीयों की बढ़ी मुश्किलें: वीजा छूट खत्म, रोज लग रहा जुर्माना, सरकार ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन

मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कई अहम फ्लाइट रूट्स के बंद होने का असर अब सीधे आम यात्रियों पर दिखने लगा है। United Arab Emirates में हजारों विदेशी नागरिक फंसे हुए हैं और उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। 31 मार्च 2026 को ओवरस्टे वीजा पर दी गई अस्थायी छूट आधिकारिक तौर पर खत्म हो गई, जिसके बाद अब वहां फंसे यात्रियों पर हर दिन 50 दिराम (करीब 1100–1200 रुपये) का जुर्माना लगाया जा रहा है। फ्लाइट्स कैंसिल होने के कारण यात्री चाहकर भी देश नहीं छोड़ पा रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक और कानूनी परेशानियां बढ़ गई हैं।

स्थिति को गंभीर देखते हुए India समेत कई देशों ने अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए इमरजेंसी ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं। भारत सरकार अबू धाबी स्थित दूतावास और दुबई के वाणिज्य दूतावास के जरिए हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित लोगों की मदद में जुटी है। इस बीच Air India और IndiGo जैसी एयरलाइंस ने अपने फ्लाइट शेड्यूल में बदलाव किए हैं, ताकि बंद हवाई रास्तों के बीच सुरक्षित मार्ग निकालकर भारतीय नागरिकों को वापस लाया जा सके। जरूरतमंदों को आपातकालीन वीजा और कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।

सिर्फ भारत ही नहीं, Germany और Australia ने भी अपने नागरिकों को निकालने के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था शुरू कर दी है। जर्मनी ने लुफ्थांसा और एमिरेट्स के साथ मिलकर रेस्क्यू फ्लाइट्स चलाई हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने दुबई और अबू धाबी से सीधी उड़ानों में बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को प्राथमिकता दी है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि एक तरफ यात्रियों को रोजाना जुर्माना देना पड़ रहा है, तो दूसरी तरफ होटल और खाने-पीने का खर्च उनकी कमर तोड़ रहा है। कई लोग ऐसे हैं जो अपनी इच्छा से नहीं, बल्कि उड़ानों की कमी के कारण वहां फंसे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन पर कानूनी कार्रवाई का खतरा बना हुआ है।

इधर France और Turkey ने कूटनीतिक स्तर पर पहल की है। फ्रांस लगातार UAE प्रशासन के संपर्क में है ताकि तकनीकी कारणों से फंसे नागरिकों पर जुर्माना न लगाया जाए, वहीं तुर्की अपने नागरिकों को वित्तीय और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध करा रहा है। कुल मिलाकर, मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सबसे बड़ा असर आम यात्रियों पर पड़ रहा है, जो अब कानूनी और आर्थिक संकट के बीच फंसे हुए हैं और अपने घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

Leave a Comment