UGC Regulations 2026: सुप्रीम कोर्ट में केंद्र का बड़ा बयान, विवादित नियमों की समीक्षा के लिए समिति बनाने पर विचार

UGC Regulations 2026: उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने से जुड़े विवादित UGC रेगुलेशंस, 2026 को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वह इन नियमों की समीक्षा के लिए एक समिति गठित करने पर विचार कर रही है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकार इस मामले की जांच कर रही है, ताकि छात्रों की चिंताओं का समाधान हो और कोई भी वर्ग असंतुष्ट या आशंकित महसूस न करे। सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी में इन नियमों पर रोक लगा दी थी।

UGC नियमों की समीक्षा के लिए समिति बनाने पर विचार

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए बताया कि सरकार विवादित UGC रेगुलेशंस, 2026 की समीक्षा कर रही है। इसके लिए समिति गठित करने पर विचार किया जा रहा है। केंद्र सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नियमों को लेकर छात्रों के बीच किसी तरह की असंतुष्टि या आशंका न रहे और सभी वर्गों की चिंताओं पर ध्यान दिया जाए। समिति के गठन को लेकर अभी अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।

CJI सूर्य कांत बोले- हर छात्र के हितों की रक्षा जरूरी

मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान सभी छात्रों के हितों की सुरक्षा पर जोर दिया। CJI ने कहा कि नीति ऐसी होनी चाहिए, जिससे युवा और छात्र संतुष्ट महसूस करें तथा प्रत्येक छात्र के हितों की रक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी का पूरा खयाल रखा जाना चाहिए। अदालत की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब UGC के नए नियमों को लेकर अलग-अलग वर्गों की ओर से विभिन्न चिंताएं और प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं।

जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने नए नियमों पर लगाई थी रोक

सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2026 में UGC के नए रेगुलेशंस पर रोक लगा दी थी। अदालत ने नियमों के कुछ प्रावधानों और परिभाषाओं में अस्पष्टता तथा उनके संभावित दुरुपयोग को लेकर चिंता जताई थी। अदालत की रोक के बाद उच्च शिक्षण संस्थानों में फिलहाल वर्ष 2012 के पुराने UGC नियम प्रभावी बने हुए हैं। नए रेगुलेशंस को लागू करने का मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।

चार सप्ताह बाद होगी मामले की अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई चार सप्ताह के लिए टाल दी है। संबंधित पक्षों को आगे की कार्रवाई के लिए समय दिया गया है। अब केंद्र सरकार की ओर से समिति के गठन पर लिए जाने वाले फैसले और अगली सुनवाई में पेश किए जाने वाले प्रस्ताव पर नजर रहेगी। UGC के इन नियमों का देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों पर असर पड़ सकता है। ऐसे में नियमों की समीक्षा और सभी वर्गों की चिंताओं का समाधान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल 2012 के नियम लागू रहेंगे और नए रेगुलेशंस का भविष्य केंद्र सरकार के अगले कदम तथा सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई पर निर्भर करेगा।

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Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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