हर माता—पिता या अविभावक का एक सपना होता है कि उनकी बेटी की पढाई लिखाई एक गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने वाले स्कूल, कॉलेज से ताकि उसे एक अच्छी जॉब मिल सके, बेटी की शादी एक अच्छे घर में और बेहतरीन तरीके से समपन्न हो। लेकिन, क्या ये सब बिना रूपये के संभव है..? माता—पिता के इन्हीं सपनों को पूरा करने और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार द्वारा सुकन्या समृद्धि खाता योजना (SSY) चलाई जा रही है। यह योजना खास तौर पर बालिकाओं की शिक्षा और विवाह के लिए आर्थिक सुरक्षा देने का काम करती है। आइए, इस योजना को सरल भाषा में समझते हैं, ताकि आप इसका फायदा उठा सकें।
सुकन्या समृद्धि खाता क्या है?
सुकन्या समृद्धि खाता एक सरकारी बचत योजना है, जिसमें माता-पिता या अभिभावक अपनी 10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम पर डाकघर या अधिकृत बैंक में खाता खुलवा सकते हैं। इसमें जमा की गई राशि पर अच्छा ब्याज मिलता है और पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है।
कौन खाता खोल सकता है?
खाता केवल बालिका के नाम पर खोला जाता है। बेटी की उम्र 10 साल से कम होनी चाहिए। खाता माता-पिता या कानूनी अभिभावक खोल सकते हैं। एक परिवार में अधिकतम दो बेटियों के लिए खाता खोला जा सकता है जुड़वां या तीन बच्चियों के जन्म की स्थिति में छूट मिलती है
खाता खोलने के लिए जरूरी दस्तावेज
बालिका का जन्म प्रमाण पत्र या आधार कार्ड और साथ में अभिभावक के पहचान पत्र के लिए आधार और पैन कार्ड होना चाहिए जिन्हे योजना का फॉर्म (प्ररूप-1) को भरकर उनके साथ लगाना होता है। यह फॉर्म पोस्ट आफिस या बैंक में आसानी से मिल जाता है।
कितनी रकम जमा कर सकते हैं?
न्यूनतम जमा: ₹250 प्रति वर्ष
अधिकतम जमा: ₹1.5 लाख प्रति वर्ष
रकम ₹50 के गुणक में जमा की जाती है खाता खोलने के बाद 15 साल तक पैसे जमा किए जा सकते हैं। अगर किसी साल न्यूनतम राशि जमा नहीं हुई, तो खाता डिफॉल्ट हो जाएगा, जिसे बाद में ₹50 प्रति साल जुर्माना देकर चालू किया जा सकता है।
ब्याज दर कितनी मिलती है?
ब्याज दर सरकार समय-समय पर बदल सकती है। फिलहाल सुकन्या समृद्धि योजना पर सरकार 8.2 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दे रही है। ब्याज हर महीने की 5 तारीख से महीने के अंत तक की न्यूनतम राशि पर लगता है ब्याज हर साल खाते में जोड़ दिया जाता है।
खाता कौन चलाएगा?
बेटी के 18 साल की उम्र तक खाता अभिभावक चलाएगा और इसके बाद चाहे तो 18 बेटी खुद खाता चला सकती है। इसमें अगर पढ़ाई के लिए पैसा बीच में निकालना हो तो निकाल सकते हैं लेकिन उसके लिए बेटी 18 साल की हो जानी चाहिए और 10वीं कक्षा पास होनी चाहिए। पढाई के लिए खाते में जमा राशि का अधिकतम 50% निकाल सकते हैं। और उसके लिए कॉलेज/संस्थान की फीस रसीद या एडमिशन लेटर जरूरी होता है। राशि एक साथ या किस्तों में निकाली जा सकती है।
खाता कब पूरा (मैच्योर) होता है?
खाता खोलने के 21 साल बाद परिपक्व होता है। अगर आप चाहे तों 21 साल पूरे होने से पहले भी खाता बंद करवा सकते हैं कि और तब ही जब बेटी की शादी हो रही हो और शादी के समय बेटी की उम्र कम से कम 18 साल हो
इस योजना के बड़े फायदे
✔ बेटियों के भविष्य के लिए सुरक्षित निवेश
✔ सरकार द्वारा संचालित, पूरी तरह सुरक्षित
✔ शिक्षा और शादी के लिए मददगार
✔ लंबी अवधि में अच्छा फंड तैयार होता है
निष्कर्ष
सुकन्या समृद्धि खाता योजना हर माता-पिता के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, जो अपनी बेटी की पढ़ाई और शादी के लिए पहले से बचत करना चाहते हैं। थोड़ी-थोड़ी बचत से भविष्य में बड़ा सहारा मिलता है। अगर आप अपनी बेटी का भविष्य सुरक्षित करना चाहते हैं, तो सुकन्या समृद्धि खाता जरूर खुलवाएं।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








