ईरान पर अमेरिका के हालिया हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपात बैठक में इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिली, जहां रूस, चीन, पाकिस्तान और कई अन्य देशों ने एक संयुक्त मसौदा प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव में पश्चिम एशिया में तत्काल और बिना शर्त युद्धविराम की मांग की गई है।
अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर किया हमला
अमेरिका ने दावा किया है कि उसने ईरान के संदिग्ध परमाणु ठिकानों को निशाना बनाकर कार्रवाई की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसे “एक खतरनाक मोड़” बताते हुए कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की तत्काल आवश्यकता है, ताकि क्षेत्रीय शांति स्थापित हो सके।
इजरायल-ईरान जंग: 950 से अधिक मौतें, 3500 घायल
इजरायल और ईरान के बीच चल रही सीधी लड़ाई ने भयानक रूप ले लिया है। इजरायली सेना ने ईरान के 6 सैन्य एयरबेस पर बमबारी की है, जिसमें 15 लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर नष्ट करने का दावा किया गया है। वहीं, ईरान ने इजरायल के खिलाफ खैबर शेकन मिसाइल का पहली बार इस्तेमाल करते हुए कई ठिकानों को निशाना बनाया। अब तक 950 ईरानी नागरिकों की मौत और 3450 से अधिक घायल होने की पुष्टि हुई है, जबकि इजरायल ने 24 नागरिकों की मौत और 1000 से अधिक घायल होने की बात कही है।
सुरक्षा परिषद में देशों की तीखी प्रतिक्रिया
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रूस ने अमेरिकी हमले की तुलना इराक युद्ध से करते हुए अमेरिका पर “झूठी कहानी” गढ़ने का आरोप लगाया।
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चीन ने कहा कि “हथियार के बल पर शांति संभव नहीं है”, संवाद और कूटनीति ही विकल्प हैं।
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कतर, मिस्र, यूएई, कुवैत और सऊदी अरब ने क्षेत्रीय अस्थिरता को लेकर चिंता जाहिर की और संयम बरतने की अपील की।
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तुर्किये ने परमाणु ठिकानों पर हमले को खतरनाक बताते हुए बातचीत की वकालत की।
अमेरिका ने क्या कहा?
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी प्रतिनिधियों ने निर्णायक कार्रवाई की मांग करते हुए ईरान पर आरोप लगाया कि वह इजरायल को समाप्त करने की कोशिश कर रहा है और अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को छुपा रहा है। अमेरिका ने सुरक्षा परिषद से अपील की कि ईरान पर दबाव बनाया जाए ताकि वह अपने आक्रामक रुख से पीछे हटे।
पाकिस्तान और भारत की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान ने क्षेत्रीय सुरक्षा की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) की आपात बैठक बुलाई है।
भारत ने “ऑपरेशन सिन्धु” के तहत ईरान और इजरायल से 1700 से ज्यादा नागरिकों की सुरक्षित वापसी कराई है, जिसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
स्थिति बेहद गंभीर, तनाव बढ़ने की आशंका
कई देशों ने चेतावनी दी है कि अगर युद्ध अभी नहीं रुका, तो यह पश्चिम एशिया के साथ-साथ पूरी दुनिया के लिए गंभीर परिणाम ला सकता है। इस बीच बहरीन ने सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने का निर्देश जारी कर दिया है, और सऊदी अरब सहित कई देश हाई अलर्ट पर हैं।
निष्कर्ष:
ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष अब केवल एक क्षेत्रीय मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बन चुका है। अगर स्थिति पर जल्द नियंत्रण नहीं पाया गया तो यह तीसरे विश्व युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। दुनिया की निगाहें अब संयुक्त राष्ट्र की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।