सिलिकोसिस की रोकथाम हेतु स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता शिविर आयोजित

राजसमन्द, 20 मई । खान एवं भू-विज्ञान विभाग, राजसमंद के तत्वावधान में खनन श्रमिकों में सिलिकोसिस की रोकथाम एवं उन्मूलन तथा सुरक्षित खनन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आर.के. मार्बल ग्रुप के वीटीसी सेंटर पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में राजस्थान मोबाइल मेडिकल यूनिट, राजसमंद एवं उप सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सांगठ कला की चिकित्सा टीम द्वारा आर.के. मार्बल, जेके नेचुरल मार्बल, एवरशाइन मार्बल एवं कामिनी मार्बल सहित विभिन्न खदानों से आए लगभग 50 खनन श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान एक्स-रे सहित आवश्यक चिकित्सकीय जांचें की गईं।

इस अवसर पर राष्ट्रीय पर्यावरण एवं खनिज संरक्षण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर्यावरणविद् डॉ. लक्ष्मी नारायण आमेटा ने कहा कि खनिज सम्पदा का उपयोग विकास और रोजगार के लिए आवश्यक है, किन्तु इसका दोहन प्रकृति के संतुलन और पर्यावरणीय नियमों की कीमत पर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मार्बल एवं खनिज उद्योग क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन कटते वृक्ष, उड़ती धूल, प्रदूषित जलस्रोत और बिगड़ता पर्यावरण भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी हैं। यदि समय रहते संतुलित एवं जिम्मेदार खनन नहीं अपनाया गया, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका भारी मूल्य चुकाना पड़ेगा।

डॉ. आमेटा ने प्रत्येक खदान के साथ हरियाली का संकल्प लेने, पर्यावरणीय नियमों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने तथा वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा—

“खनिज भी रहे, प्रकृति भी बचे—यही विकास का सही मार्ग और हमारी सच्ची जिम्मेदारी है।”

खनिज अभियन्ता जनेश हुमड़ ने श्रमिकों एवं खान धारकों को सिलिकोसिस जैसी गंभीर बीमारी से बचाव हेतु खनन कार्य के दौरान डस्ट मास्क, हेलमेट एवं अन्य सुरक्षा उपकरणों के नियमित उपयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने आगामी मानसून में “हरियालो राजस्थान” अभियान के तहत अधिकाधिक वृक्षारोपण करने की अपील भी की।

सहायक खनि अभियन्ता ओमप्रकाश आर्य ने श्रमिकों को सुरक्षा उपकरणों के नियमित उपयोग तथा सरकार द्वारा समय-समय पर आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविरों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. करण गुर्जर ने कहा कि “सिलिकोसिस जानलेवा बीमारी है, इसका उपचार नहीं बल्कि बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है।” उन्होंने सभी श्रमिकों से नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने की अपील की।

इस अवसर पर सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य ने मार्बल एवं मिनरल खनन, प्रोसेसिंग एवं परिवहन से जुड़े व्यापारियों से विनम्र आग्रह करते हुए कहा कि व्यापार और लाभ कमाना स्वागतयोग्य है, किन्तु नियमों की अनदेखी, कर चोरी, प्रदूषण, ओवरलोडिंग एवं असुरक्षित परिवहन अब केवल पर्यावरण ही नहीं, बल्कि आमजन के जीवन और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।

उन्होंने कहा कि सड़कों पर बिखरता खनिज, उड़ती धूल, बिना ढके वाहन तथा क्षतिग्रस्त सड़कें दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रही हैं। यह केवल कानूनी उल्लंघन नहीं, बल्कि नैतिक एवं सामाजिक उत्तरदायित्व से विमुख होने का संकेत भी है। उन्होंने सभी संबंधित व्यापारियों से समय रहते अपनी कार्यप्रणाली सुधारने, नियमों की पालना करने और जनजीवन के साथ खिलवाड़ बंद करने की अपील करते हुए कहा—

“व्यापार कीजिए, पर जिम्मेदारी के साथ; लाभ कमाइए, पर किसी के जीवन की कीमत पर नहीं।”

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो उपलब्ध वैधानिक उपायों का उपयोग कर आवश्यक प्रशासनिक हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जाएगा।

शिविर में आर.के. मार्बल के माइन्स मैनेजर मांगीलाल पालीवाल, किशोर कोठारी, डॉ. रामनिवास जाट, डॉ. अर्जुन यादव, कमलेश कुमार मीणा, विनोद मीणा, गोविन्द प्रसाद सालवी, मनीष पायक, भरत रेगर, मो. काजिम, नितिन जैन, दीपक वैरागी, मदनलाल डांगी, संदीप सहित अनेक अधिकारी, कर्मचारी एवं श्रमिक उपस्थित रहे।

यह शिविर खनन क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के स्वास्थ्य संरक्षण, सुरक्षित कार्य संस्कृति एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रेरक उदाहरण बना।

PRADEEP SOLANKI
Author: PRADEEP SOLANKI

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