जयपुर। राजस्थान से राज्यसभा की तीन रिक्त सीटों पर होने वाले द्विवार्षिक चुनाव के लिए सोमवार को नामांकन के अंतिम दिन विधानसभा सचिवालय में राजनीतिक गतिविधियां चरम पर रहीं। भारतीय जनता पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार डॉ. सतीश पूनिया और डॉ. अलका गुर्जर ने चुनाव अधिकारी के समक्ष अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार और निवर्तमान राज्यसभा सांसद नीरज डांगी पहले ही अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए भाजपा के दोनों उम्मीदवारों और कांग्रेस के एक उम्मीदवार का निर्विरोध राज्यसभा पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है।
नामांकन के दौरान दिखी भाजपा की एकजुटता
भाजपा उम्मीदवारों के नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वयं विधानसभा पहुंचे और दोनों प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर भाजपा सरकार और संगठन के कई वरिष्ठ नेता, मंत्री और विधायक मौजूद रहे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने इस अवसर के जरिए संगठनात्मक एकता और नेतृत्व के प्रति सामूहिक समर्थन का संदेश देने का प्रयास किया। विधानसभा परिसर में पार्टी नेताओं की बड़ी मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि टिकट वितरण को लेकर पार्टी के भीतर कोई असहमति नहीं है।
सतीश पूनिया के नामांकन में जुटा शीर्ष नेतृत्व
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ जाट नेता डॉ. सतीश पूनिया के नामांकन के दौरान पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उनके साथ दिखाई दिया। प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा विशेष रूप से मौजूद रहे। राजनीतिक जानकारों के अनुसार पूनिया की राज्यसभा उम्मीदवारी को जाट समुदाय में भाजपा की पकड़ मजबूत करने और संगठन के प्रति उनकी लंबे समय की प्रतिबद्धता के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। आमेर विधानसभा सीट से पिछला चुनाव मामूली अंतर से हारने के बावजूद पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा बनाए रखा और अब उन्हें संसद के उच्च सदन में भेजने का निर्णय लिया है। नामांकन के बाद डॉ. सतीश पूनिया ने केंद्रीय नेतृत्व और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि वे राज्यसभा में राजस्थान, किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने का प्रयास करेंगे।
अलका गुर्जर के नामांकन ने खींचा ध्यान
राज्यसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया में सबसे अधिक चर्चा डॉ. अलका गुर्जर के नामांकन को लेकर रही। भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव और दिल्ली की सह-प्रभारी डॉ. अलका गुर्जर जब नामांकन दाखिल करने पहुंचीं तो उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों का ध्यान आकर्षित किया। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि वसुंधरा राजे की उपस्थिति भाजपा के भीतर संतुलन और सामंजस्य का संकेत देने वाली रही। नामांकन के दौरान उनके पति एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. नाथू सिंह गुर्जर भी मौजूद रहे। भाजपा की ओर से अलका गुर्जर को राज्यसभा भेजे जाने को पूर्वी राजस्थान के गुर्जर समुदाय और महिला नेतृत्व को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। वर्ष 2013 में बांदीकुई से विधायक रह चुकीं अलका गुर्जर लंबे समय से पार्टी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं।
कांग्रेस की ओर से मैदान में नीरज डांगी
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्यसभा की एक सीट के लिए अपने निवर्तमान सांसद नीरज डांगी को उम्मीदवार बनाया है। डांगी ने पहले ही नामांकन पत्र दाखिल कर दिया था। उनके नामांकन के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और विधायक मौजूद रहे। कांग्रेस ने एक बार फिर डांगी पर भरोसा जताते हुए उन्हें उच्च सदन में भेजने का फैसला किया है।
वोटिंग की नहीं पड़ेगी जरूरत
राजस्थान से इस बार राज्यसभा की कुल तीन सीटें रिक्त हो रही हैं। विधानसभा में भाजपा और कांग्रेस के मौजूदा संख्या बल के आधार पर भाजपा को दो और कांग्रेस को एक सीट मिलना पहले से ही तय माना जा रहा था। दोनों दलों ने अतिरिक्त उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारे, जिससे क्रॉस वोटिंग या अन्य राजनीतिक समीकरणों की संभावनाएं भी समाप्त हो गई हैं। अब नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद डॉ. सतीश पूनिया, डॉ. अलका गुर्जर और नीरज डांगी के निर्विरोध निर्वाचित होने की औपचारिक घोषणा की जाएगी। इस प्रकार राजस्थान की तीनों राज्यसभा सीटों पर चुनावी मुकाबले की स्थिति बनने के बजाय सर्वसम्मति से प्रतिनिधियों के चयन का रास्ता साफ हो गया है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।






