8th Pay Commission: 10 जुलाई की बैठक के बाद बढ़ी कर्मचारियों की उम्मीदें, जानिए फिटमेंट फैक्टर से कितनी बढ़ सकती है सैलरी

नई दिल्ली। देश के लाखों केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच आयोग ने 10 जुलाई को कोलकाता में आयोजित बैठक में कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और अन्य हितधारकों के साथ चर्चा का एक और चरण पूरा किया। इस बैठक में विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने वेतन, पेंशन, भत्तों और सेवा शर्तों से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव आयोग के समक्ष रखे।

हालांकि अभी तक आयोग या केंद्र सरकार की ओर से फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। न ही यह स्पष्ट किया गया है कि संशोधित वेतन तय करने के लिए किस दायरे का फिटमेंट फैक्टर अपनाया जाएगा। माना जा रहा है कि आयोग अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में हितधारकों से बातचीत पूरी करने के बाद अपनी अंतिम सिफारिशों का मसौदा तैयार करेगा।

सरकारी कर्मचारियों के बीच सबसे अधिक चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है, क्योंकि यही वह आधार है जिसके जरिए मौजूदा मूल वेतन (Basic Pay) को नए वेतनमान में परिवर्तित किया जाता है। फिटमेंट फैक्टर बढ़ने का सीधा असर कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी, महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) और भविष्य में मिलने वाली पेंशन पर पड़ता है। इसलिए आयोग के अंतिम फैसले पर लाखों कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों की नजर टिकी हुई है।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि पे लेवल-1 के कर्मचारी, जिनकी वर्तमान बेसिक पे 18,000 रुपये है, के लिए 2.1 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है तो उनका मूल वेतन लगभग 37,800 रुपये हो सकता है। यदि 2.5 का फिटमेंट फैक्टर तय होता है तो यह बढ़कर करीब 45,000 रुपये तक पहुंच सकता है, जबकि 3.0 का फिटमेंट फैक्टर लागू होने की स्थिति में बेसिक पे लगभग 54,000 रुपये तक हो सकती है।

इसी तरह पे लेवल-10 के कर्मचारियों की मौजूदा 56,100 रुपये की बेसिक पे 2.1 फिटमेंट फैक्टर पर लगभग 1.18 लाख रुपये, 2.5 फिटमेंट फैक्टर पर करीब 1.40 लाख रुपये और 3.0 फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर लगभग 1.68 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि ये केवल संभावित गणनाएं हैं और इन्हें आयोग की आधिकारिक सिफारिश नहीं माना जाना चाहिए।

वित्तीय जानकारों का कहना है कि आयोग को कर्मचारियों की अपेक्षाओं और सरकार की वित्तीय क्षमता के बीच संतुलन बनाना होगा। अंतिम रिपोर्ट तैयार करने से पहले आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों से प्राप्त सुझावों का विस्तृत अध्ययन करेगा और उसके बाद ही केंद्र सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपेगा। फिलहाल केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग की अंतिम रिपोर्ट और फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई आधिकारिक समयसीमा घोषित नहीं की है। ऐसे में कर्मचारियों को आयोग की आगामी बैठकों और सरकार के अगले निर्णय का इंतजार करना होगा।

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Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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