राजस्थान में औद्योगिक निवेश के नए द्वार खुलने वाले हैं। सोमवार को जयपुर में आयोजित एक दिवसीय औद्योगिक कार्यशाला के दौरान प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीतियों और योजनाओं पर गहन चर्चा हुई। “राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट” की तैयारियों के तहत उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा इस कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें जिला उद्योग केंद्र और 22 गोदाम इंडस्ट्रियल एसोसिएशन की भूमिका प्रमुख रही।
कार्यशाला की अध्यक्षता जिला उद्योग केन्द्र की महाप्रबंधक शिल्पी पुरोहित ने की, जबकि अतिरिक्त आयुक्त एस.एस. शाह ने उपस्थित निवेशकों और उद्यमियों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है, ताकि छोटे और बड़े दोनों प्रकार के निवेशकों को समान अवसर मिल सकें।
आठ प्रमुख औद्योगिक योजनाएं रहीं चर्चा के केंद्र में
इस कार्यशाला में जिन आठ प्रमुख योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया, वे इस प्रकार हैं:
| योजना / नीति | मुख्य उद्देश्य / विवरण |
|---|---|
| एक जिला एक उत्पाद योजना | प्रत्येक जिले की विशेष उत्पादकता को बढ़ावा देना |
| एमएसएमई नीति 2024 | सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहित करना |
| राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) | औद्योगिक निवेश को आकर्षित करना |
| लॉजिस्टिक नीति 2024 | परिवहन और लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करना |
| डेटा सेंटर नीति 2025 | डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और सेंटर स्थापित करना |
| एकीकृत क्लस्टर विकास योजना | औद्योगिक क्लस्टर का समन्वित विकास |
| निर्यात प्रोत्साहन नीति 2024 | राज्य के निर्यात को बढ़ावा देना |
| टैक्सटाइल एंड एपेरल नीति 2025 | वस्त्र और परिधान उद्योग को प्रोत्साहन देना |
स्टार्टअप और प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी भी दी गई
उद्यमियों को “उद्योग रजिस्ट्रेशन”, “जेम पोर्टल”, “एनओसी प्रक्रिया” और स्टार्टअप अनुकूल प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने इन योजनाओं की तकनीकी और व्यावसायिक संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।
हर जिले में आयोजित हो रहीं कार्यशालाएं
गौरतलब है कि यह कार्यशाला केवल जयपुर तक सीमित नहीं है। राजस्थान सरकार प्रदेश के सभी जिलों में इस प्रकार की कार्यशालाएं आयोजित कर रही है ताकि स्थानीय उद्यमियों और निवेशकों को योजनाओं की जानकारी समय रहते दी जा सके और वे इनका अधिकतम लाभ उठा सकें। राज्य सरकार की यह पहल न केवल औद्योगिक विकास को गति देगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। “राइजिंग राजस्थान” के तहत निवेशकों का विश्वास बढ़ाना और उद्योगों को एक नई दिशा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







