सीकर शहर में पुलिस और प्रशासन की नाक के ठीक नीचे दिनदहाड़े चोरी की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कलक्टर और एसपी के बंगले से महज 150 मीटर की दूरी पर स्थित गोकुलधाम रेजिडेंसी में पांचवीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में सोमवार को बड़ी चोरी हुई।
चोर स्कूटी पर हेलमेट पहनकर आए और रेजिडेंसी में घुसकर फ्लैट नंबर 506 में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। मकान मालिक विनोद कुमार शर्मा के अनुसार, वह सुबह 10:15 बजे बाजार गए थे और जब दोपहर 2:15 बजे लौटे तो देखा कि फ्लैट का मुख्य ताला टूटा हुआ था और अंदर का सामान बिखरा पड़ा था।
चोर करीब 80 हजार रुपए की नकदी, चार से पांच सोने की अंगूठियां, चांदी के सिक्के और गिलास समेत अन्य कीमती सामान चुरा ले गए। रेजिडेंसी का स्थायी गार्ड उस दिन छुट्टी पर था और उसकी जगह अस्थायी गार्ड ड्यूटी पर था, जिससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि चोरों को इस बात की पहले से जानकारी थी।
CCTV में कैद हुई चोरों की हरकत
रेजिडेंसी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर पाया गया कि स्कूटी पर आए दो युवक हेलमेट पहनकर पार्किंग में दाखिल हुए और महज 15-20 मिनट में वारदात कर फरार हो गए। पुलिस को संदेह है कि चोरों ने पहले पूरी रैकी की थी, क्योंकि बिना तैयारी के इतनी सुरक्षित मानी जाने वाली रेजिडेंसी में पांचवीं मंजिल पर चोरी कर पाना संभव नहीं है।
पूर्व की घटना से मेल खा रही है स्टाइल
पुलिस को यह मामला 25 मार्च को उद्योग नगर क्षेत्र की रॉयल रेजिडेंसी में हुई चोरी से मेल खाता दिख रहा है। उस घटना में भी दो हेलमेट पहने चोरों ने फ्लैट नंबर 614 में घुसकर चार लाख रुपए नकद और लाखों के जेवरात चुरा लिए थे। दोनों घटनाओं की कार्यप्रणाली और चोरों के हुलिए में समानता मिलने के चलते पुलिस दोनों मामलों की कड़ी जोड़कर जांच कर रही है।
जांच में जुटी पुलिस
सीओ सिटी प्रशांत किरण और कोतवाली थाना प्रभारी सुनील कुमार जांगिड़ ने मौके पर पहुंचकर जांच की। अभय कमांड सेंटर के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस ने जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी का भरोसा जताया है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







