राजस्थान की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब बारां जिले की अंता विधानसभा सीट से भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई। यह कार्रवाई विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी द्वारा कानूनी सलाह के आधार पर की गई है। मीणा को एक 20 साल पुराने आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद यह फैसला लिया गया।
क्या है पूरा मामला?
वर्ष 2003 में कंवरलाल मीणा पर आरोप लगा था कि उन्होंने तत्कालीन उपखंड अधिकारी (SDM) पर पिस्तौल तान दी थी, साथ ही सरकारी कार्य में बाधा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे संगीन आरोप भी उन पर लगे थे। हाल ही में इस मामले में अदालत ने उन्हें 3 साल की सजा सुनाई।
मीणा ने इस सजा पर रोक के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने याचिका खारिज करते हुए उन्हें दो सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया। इसके पालन में उन्होंने 21 मई को अकलेरा कोर्ट में आत्मसमर्पण किया और वर्तमान में जेल में बंद हैं।
विधानसभा अध्यक्ष का निर्णय
विधानसभा सचिवालय ने मीणा को 7 मई तक जवाब देने का नोटिस जारी किया था कि क्या उन्हें सुप्रीम कोर्ट से कोई अंतरिम राहत मिली है। जब इस पर स्पष्ट जवाब नहीं आया और राहत नहीं मिली, तब विधानसभा अध्यक्ष ने महाधिवक्ता (AG) और वरिष्ठ विधिवेताओं की सलाह के बाद सदस्यता रद्द करने का निर्णय लिया। इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट के उस ऐतिहासिक निर्णय का भी हवाला दिया गया, जिसमें दो साल या उससे अधिक की सजा मिलने पर जनप्रतिनिधि की सदस्यता स्वतः समाप्त मानी जाती है।
चुनावी पृष्ठभूमि
कंवरलाल मीणा ने 2023 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद जैन भाया को 5,861 वोटों से हराकर अंता से जीत हासिल की थी। लेकिन महज डेढ़ साल बाद ही उनका विधायक पद समाप्त हो गया।
आठ साल में दूसरी बार सदस्यता समाप्त
यह घटना राजस्थान विधानसभा के इतिहास में आठ साल में दूसरी बार है, जब किसी विधायक की सदस्यता कानूनी कारणों से रद्द हुई है। इससे पहले 2017 में बसपा विधायक बीएल कुशवाह की सदस्यता हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा मिलने के कारण समाप्त की गई थी।
आगे क्या?
अब अंता विधानसभा सीट रिक्त हो चुकी है, और यहां निकट भविष्य में उपचुनाव कराए जाने की संभावना है। यदि उच्च न्यायालय में मीणा की सजा रद्द होती है, तो वे दोबारा चुनाव लड़ने के योग्य हो सकते हैं। फिलहाल, उनकी विधानसभा में कोई भूमिका नहीं रहेगी।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







