राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले में पिछले 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जिले के कई गांव और कॉलोनियां जलमग्न हो चुकी हैं, जबकि तालाबों और बांधों के ओवरफ्लो होने से निचले इलाकों में पानी भर गया है।
मोरेल नदी का रौद्र रूप
भाड़ौती-मथुरा मेगा हाईवे पर बहतेड़ इलाके में बह रही मोरेल नदी ने कहर बरपा दिया है। पानी के तेज बहाव से डामर सड़क कट गई, जिसके बाद पुलिस ने एहतियातन मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया। थानाधिकारी जितेंद्र कुमार सोलंकी ने बताया कि नदी का बहाव इतना तेज था कि सड़क का हिस्सा खिसक गया।
निगोह और बनास नदी में उफान
लगातार बारिश से निगोह नदी और बनास नदी में उफान आ गया है।
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मलारना डूंगर से मलारना स्टेशन सड़क मार्ग बंद पड़ा है।
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ओलवाड़ा रपट पर पानी बढ़ने से मलारना स्टेशन-सवाईमाधोपुर मार्ग भी ठप है।
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दर्जनों लिंक सड़कों पर भी यातायात पूरी तरह से बाधित है।
मुख्य मार्ग बंद
बारिश और नदियों में उफान से जिले के कई मुख्य मार्ग बंद हो गए हैं—
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चौथ का बरवाड़ा-शिवाड़-जयपुर मार्ग।
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गंगापुरसिटी-सवाईमाधोपुर मार्ग (मोरेल नदी में कटाव के बाद)।
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सवाईमाधोपुर-करौली मार्ग (भूरी पहाड़ी रपट टूटने से)।
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मलारना डूंगर-हाड़ौती मुख्य मार्ग (श्यामोली मोरेल नदी में पानी बढ़ने से)।
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गंगापुरसिटी-हिण्डौन मार्ग (कटकड़ कॉज-वे पर पानी आने से)।
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बोदल पुलिया टूटने से सवाईमाधोपुर-खण्डार-श्योपुर मार्ग बंद।
कुशालीदर्रा में सड़क क्षतिग्रस्त
लगातार बारिश से कुशालीदर्रा नाला भी उफान पर है। यहां टोंक-चिरगांव राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे बूंदी जिले से संपर्क कट गया। बोदल से लहसोड़ा, रामपुरा और चितारा पंचायतों के गांव भी जिला मुख्यालय से अलग-थलग हो गए हैं।
प्रशासन अलर्ट पर
बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सभी विभागों को अलर्ट पर रखा है। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और निचले इलाकों में सतर्कता बरतें।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







