मनरेगा की जगह G Ram G बिल पास, लोकसभा में हंगामे के बीच विपक्ष का कड़ा विरोध

नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) की जगह नया G Ram G बिल लाने के फैसले का विपक्ष ने जोरदार विरोध किया है। बीते दो दिनों से लोकसभा में इस बिल को लेकर तीखी बहस चल रही थी। विपक्षी दलों के भारी हंगामे और विरोध के बावजूद आखिरकार यह बिल लोकसभा में पारित हो गया। बिल के पास होते ही नाराज विपक्षी सांसदों ने सदन में इसकी प्रतियां फाड़कर अपना विरोध दर्ज कराया।

स्टैंडिंग कमेटी को भेजने की मांग

विपक्षी सांसदों का कहना था कि इतने महत्वपूर्ण बिल को सीधे पास करने के बजाय पहले स्टैंडिंग कमेटी को भेजा जाना चाहिए था। इस मांग को लेकर सुबह से ही विपक्षी दल प्रदर्शन कर रहे थे। सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर लंबी बहस हुई। लेकिन जब लोकसभा स्पीकर ने ध्वनिमत से बिल के पारित होने की घोषणा की, तो विपक्षी सांसद सदन के बीचों-बीच पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए बिल की कॉपियां फाड़ दीं।

100 नहीं, अब 125 दिन का रोजगार

G Ram G बिल के पारित होने के साथ ही वर्ष 2004 में यूपीए सरकार द्वारा लाई गई चर्चित मनरेगा योजना समाप्त हो गई है। मनरेगा के तहत जहां ग्रामीण परिवारों को हर साल 100 दिन के रोजगार की गारंटी मिलती थी, वहीं नई योजना में इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है।
नए बिल में फसल की बुआई और कटाई के समय दो महीने के विशेष ब्रेक का भी प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मजदूरी भुगतान की समय-सीमा भी घटाई गई है। पहले जहां भुगतान 15 दिनों में होता था, अब यह 7 दिनों के भीतर किया जाएगा।

लोकसभा के बाहर भी प्रदर्शन

बिल के विरोध में INDIA गठबंधन के सांसदों ने लोकसभा के बाहर भी प्रदर्शन किया। सांसदों ने हाथों में बैनर लेकर नारेबाजी की, जिन पर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और देश की धर्मनिरपेक्षता से जुड़े संदेश लिखे थे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने सरकार पर तीखा हमला बोला।

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का जवाब

विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में कहा कि सरकार किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव नहीं करती। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी हमारी प्रेरणा और श्रद्धा हैं। चौहान ने यह भी दावा किया कि मनरेगा में गांधीजी का नाम 2009 के चुनावों के मद्देनजर जोड़ा गया था। सरकार का कहना है कि नया G Ram G बिल ग्रामीण रोजगार को और मजबूत बनाएगा, जबकि विपक्ष इसे गरीबों के अधिकारों पर हमला बता रहा है। बिल के पास होने के बाद अब इस मुद्दे पर सियासी घमासान और तेज होने के आसार हैं।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

Leave a Comment