फाल्टा में पुनर्मतदान के बीच भारी तनाव, महिलाओं ने कहा- “TMC नेता ने दी घर जलाने और खून बहाने की धमकी”

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के बाद आज फाल्टा और डायमंड हार्बर की 15 सीटों पर हो रहे पुनर्मतदान (Re-polling) के दौरान स्थिति विस्फोटक हो गई है। दक्षिण 24 परगना के फाल्टा इलाके में बड़ी संख्या में महिलाएं सड़कों पर उतर आई हैं। ग्रामीणों ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के स्थानीय नेता और पंचायत प्रधान इसराफिल चोंकदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें वोट देने पर “घर जलाने और खून बहाने” की धमकियां दी जा रही हैं।

“हमने TMC को वोट दिया, फिर भी हमें ही धमकाया”

फाल्टा में विरोध प्रदर्शन कर रही महिलाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है। एक स्थानीय महिला ने रोते हुए मीडिया को बताया: “हमने टीएमसी को ही वोट दिया था, फिर भी हम पर हमला किया गया। इसराफिल चोंकदार ने धमकी दी है कि अगर वे जीत गए तो हमारे घर जला देंगे। हमें सुरक्षा चाहिए और उसकी गिरफ्तारी होनी चाहिए।” एक अन्य ग्रामीण महिला ने सुरक्षाकर्मियों के सामने चीखते हुए कहा कि उन्हें जान से मारने की चेतावनी दी गई है, जिससे पूरे इलाके में डर और असुरक्षा का माहौल है। महिलाओं की सुरक्षाकर्मियों के साथ तीखी बहस भी हुई, जिसके बाद मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

प्रशासन का पक्ष: मामला दर्ज, हालात काबू में

तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी सुरक्षा बल इलाके में गश्त कर रहा है। अतिरिक्त एसपी अविषेक ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। उन्होंने मीडिया से कहा: “फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। ग्रामीणों ने धमकी की शिकायत की है, जिस पर हमने मामला दर्ज (FIR) कर लिया है। उनकी मांगों को सुना गया है और हम निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित कर रहे हैं।”


स्ट्रांगरूम और पोस्टल बैलेट को लेकर नया बखेड़ा

पुनर्मतदान के बीच ईवीएम (EVM) स्ट्रांगरूम की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। TMC की शिकायत: टीएमसी ने खुदीराम अनुशीलन केंद्र के रिटर्निंग ऑफिसर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है कि पोस्टल बैलेट कवर की बिना अनुमति के छंटनी की जा रही थी। BJP के आरोप और निलंबन: दूसरी ओर, भाजपा ने आरोप लगाया कि एक स्ट्रांगरूम को अनधिकृत रूप से खोला गया। इस मामले की जांच के बाद कथित तौर पर 6 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।

4 मई को होनी है मतगणना

चुनाव आयोग ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि 4 मई को होने वाली मतगणना शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। फाल्टा की इन घटनाओं ने एक बार फिर बंगाल की चुनावी राजनीति में हिंसा और डराने-धमकाने के आरोपों को सुर्खियों में ला दिया है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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