मुंबई: टी20 विश्व कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में आज भारत और इंग्लैंड की टीमें मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में टकराएंगी। लेकिन मैच शुरू होने से पहले ही मैदान के बाहर पिच और मौसम को लेकर घमासान शुरू हो गया है। वानखेड़े की पिच की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उन्होंने भारतीय खेमे, खासकर हेड कोच गौतम गंभीर और बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल की टेंशन बढ़ा दी है।
पिच क्यूरेटर से नाखुश दिखे गंभीर?
पारंपरिक रूप से वानखेड़े की पिच बल्लेबाजों की मददगार मानी जाती है, जहाँ रनों की बरसात होती है। हालांकि, इस बार पिच पर हरी घास की एक परत दिखाई दे रही है। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें कोच गौतम गंभीर पिच क्यूरेटर से चर्चा करते नजर आ रहे हैं और उनके हाव-भाव से साफ लग रहा है कि वह सतह की स्थिति से खुश नहीं हैं। डर इस बात का है कि हरी घास के कारण शुरुआत में तेज गेंदबाजों को अत्यधिक मदद मिल सकती है, जो इंग्लैंड के पेस अटैक के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
बॉलिंग कोच मोर्कल को ‘शबनम’ का डर
भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने मैच की पूर्व संध्या पर ओस (जिसे क्रिकेट की भाषा में ‘शबनम’ भी कहा जाता है) को लेकर बड़ी चिंता जताई है। मोर्कल ने कहा: “ओस हमेशा एक बड़ी चिंता होती है, जिसे आप कंट्रोल नहीं कर सकते। वानखेड़े में बाउंस अच्छा होता है, जो गेंदबाजों को गेम में लाता है, लेकिन यहाँ मार्जिन बहुत कम हैं। छोटा ग्राउंड होने के कारण गेंद तेजी से बाउंड्री के बाहर जाती है।” मोर्कल ने आगे रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा कि इस पिच पर डिफेंसिव होने के बजाय अटैकिंग रहना बेहतर है क्योंकि बल्लेबाज की ताकत ही यहाँ उसकी कमजोरी बन सकती है।
पिच का गणित: लाल मिट्टी और घास का खेल
वानखेड़े की पिच लाल मिट्टी से बनी है। पिच पर मौजूद हरी घास दरअसल नमी बनाए रखने के लिए छोड़ी गई है ताकि सतह जल्दी सूखकर टूटने न लगे।
-
शुरुआती ओवर: घास और लाल मिट्टी के कारण पावरप्ले में तेज गेंदबाजों को सीम मूवमेंट और एक्स्ट्रा बाउंस मिलेगा।
-
मिडल ओवर: जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ेगा, पिच धीमी हो सकती है जिससे स्पिनर्स को टर्न मिलने की उम्मीद है।
-
स्कोर: जानकारों का मानना है कि यह अभी भी 200+ रनों वाला ट्रैक है, बशर्ते बल्लेबाज शुरुआती स्विंग को झेल जाएं।
टॉस बनेगा ‘बॉस’
मुंबई में शाम के समय ओस का प्रभाव काफी ज्यादा रहता है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद करेगी, क्योंकि दूसरी पारी में गीली गेंद से गेंदबाजी करना और फील्डिंग करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। क्या गौतम गंभीर का मास्टर प्लान इंग्लैंड को ‘धुआं-धुआं’ कर पाएगा या वानखेड़े की पिच कोई नया ट्विस्ट लाएगी, इसका फैसला आज शाम 7 बजे होगा।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







