मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में मची उथल-पुथल के बीच भारत सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत में ईंधन की कोई कमी नहीं होगी। सरकार ने आधिकारिक डेटा जारी करते हुए बताया है कि देश के पास अगले दो महीनों के लिए पर्याप्त कच्चा तेल और ईंधन भंडार मौजूद है।
सप्लाई चेन पर तनाव, पर भारत ‘सेफ’
मौजूदा समय में होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz), जहां से दुनिया के कुल कच्चे तेल का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है, वहां स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। इस भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में उछाल की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, भारत सरकार ने समय रहते अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है।
भंडारण क्षमता का पूरा ब्यौरा
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, भारत की ईंधन सुरक्षा के आंकड़े निम्नलिखित हैं: 74 दिन: देश की कुल ईंधन भंडारण क्षमता। 60 दिन: वर्तमान में उपलब्ध कच्चा तेल, पेट्रोल और डीजल का स्टॉक। 60 दिन (अतिरिक्त): अगले दो महीनों के लिए कच्चे तेल की खरीद पहले ही सुनिश्चित (Advance Booking) कर ली गई है 30 दिन: रसोई गैस (LPG) की निर्बाध सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है।
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर ईंधन की कमी को लेकर फैली अफवाहों के चलते कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी गई। सरकार ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा: “देश के किसी भी हिस्से में ईंधन की कोई किल्लत नहीं है। पेट्रोल पंपों पर स्टॉक पर्याप्त है। नागरिक ‘पैनिक बाइंग’ (घबराकर खरीदारी) न करें और भ्रामक जानकारियों से बचें।” प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सप्लाई चेन पूरी तरह चालू है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए भारत का ‘एनर्जी बफर’ तैयार है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







