राजस्थान के अजमेर जिले में कांग्रेस नेता और पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी समेत एक ही परिवार के चार लोगों की संदिग्ध मौत का मामला अब और उलझता जा रहा है। शुरुआती तौर पर सड़क हादसा या आग लगने की घटना मानी जा रही यह वारदात अब हत्या की आशंका की तरफ बढ़ती दिखाई दे रही है। पुलिस को मौके के साथ-साथ मृतक के घर से भी ऐसे अहम सुराग मिले हैं, जिन्होंने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। गुरुवार सुबह बोराड़ा थाना क्षेत्र के श्रीरामपुरा गांव के पास सड़क किनारे एक जलती हुई एसयूवी मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने जब आग पर काबू पाया तो कार के अंदर और आसपास चार शव बरामद हुए। मृतकों की पहचान पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी, उनकी मां पूसी देवी, पत्नी और जिला परिषद सदस्य सुरज्ञान देवी तथा भांजी महिमा के रूप में हुई।
कार में मिले तीन शव, खेत में मिला महिला का शव
पुलिस के अनुसार एसयूवी की पिछली सीट पर तीन शव अधजली हालत में मिले, जबकि एक महिला का शव कार से कुछ दूरी पर खेत में पड़ा हुआ था। जांच के दौरान सुरज्ञान देवी के गले पर खून के निशान पाए गए, जिससे हत्या की आशंका और गहरा गई है। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची थी। आसपास से टैंकर बुलाकर आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक वाहन पूरी तरह जल चुका था।
घर के अंदर भी मिले खून के धब्बे
मामले की जांच के दौरान पुलिस जब रामसिंह चौधरी के घर पहुंची तो वहां भी चौंकाने वाले सबूत मिले। घर के अंदर कई जगह खून के धब्बे पाए गए। इतना ही नहीं, एक ट्रैक्टर की डीजल टैंक की पाइप पर भी खून के निशान मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक पुलिस को वारदात में इस्तेमाल एक धारदार हथियार भी बरामद हुआ है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि पहले घर में हमला किया गया और बाद में शवों को एसयूवी में डालकर आग लगाई गई, ताकि घटना को हादसे का रूप दिया जा सके।
पहली पत्नी और बेटे से पूछताछ
जांच में यह भी सामने आया है कि रामसिंह चौधरी ने दो शादियां की थीं। पहली पत्नी से उनके दो बच्चे हैं, जबकि दूसरी पत्नी सुरज्ञान देवी की कोई संतान नहीं थी। पुलिस ने पूछताछ के लिए पहली पत्नी, बेटे और परिवार के कुछ अन्य सदस्यों को थाने बुलाया है।हालांकि पुलिस ने अभी किसी को आरोपी घोषित नहीं किया है, लेकिन जांच कई एंगल से की जा रही है। पुलिस राजनीतिक रंजिश, पारिवारिक विवाद और संपत्ति विवाद सहित सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि भी जांच के दायरे में
रामसिंह चौधरी का राजनीतिक और आपराधिक दोनों तरह का रिकॉर्ड रहा है। वह वर्ष 2010 में बोराड़ा पंचायत से सरपंच बना था और उसकी मां पूसी देवी भी पहले सरपंच रह चुकी थीं। वहीं उनकी पत्नी सुरज्ञान देवी वर्तमान में जिला परिषद सदस्य थीं। पुलिस सूत्रों का मानना है कि मामला राजनीतिक रंजिश से भी जुड़ा हो सकता है। हालांकि फिलहाल जांच का फोकस पारिवारिक विवाद की दिशा में भी बना हुआ है।
पुलिस बोली- हत्या मानकर हो रही जांच
अजमेर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में कई संदिग्ध तथ्य सामने आए हैं और पुलिस इस केस को हत्या मानकर जांच कर रही है। एफएसएल टीम ने घटनास्थल और घर से साक्ष्य जुटाए हैं। माना जा रहा है कि पुलिस जल्द ही इस हाई-प्रोफाइल मामले का बड़ा खुलासा कर सकती है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







