सोना-चांदी में भारी गिरावट के बाद रिकवरी, निवेशकों में असमंजस का माहौल

साल 2026 की शुरुआत से ही सोने-चांदी की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। हालात ऐसे हैं कि दोनों कीमती धातुएं अपने ऑल टाइम हाई से काफी नीचे आ चुकी हैं, जिससे निवेशकों और खरीदारों में असमंजस की स्थिति बन गई है। खासकर शादी के सीजन में महंगे दाम पर सोना खरीदने वाले परिवार अब कीमतों में आई गिरावट से मायूस नजर आ रहे हैं।

2 महीने में 48,500 रुपये टूटा सोना

एमसीएक्स (MCX) पर 2 अप्रैल 2026 डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव इस हफ्ते 1,44,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इससे पहले 29 जनवरी 2026 को सोना 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था।

यानी करीब दो महीने में सोने की कीमत में 48,596 रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि 23 मार्च को सोना 1,29,595 रुपये तक गिरने के बाद अब इसमें करीब 15,000 रुपये की रिकवरी भी देखी गई है।

चांदी में और भी बड़ी गिरावट

चांदी की कीमतों में तो और भी बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। एमसीएक्स पर इस हफ्ते चांदी का भाव 2,27,750 रुपये प्रति किलोग्राम रहा, जबकि 29 जनवरी 2026 को यह 4,39,337 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। इस तरह चांदी करीब 2,11,587 रुपये तक टूट चुकी है। हालांकि 23 मार्च को 1,99,643 रुपये के निचले स्तर से इसमें 28,107 रुपये की तेज रिकवरी भी आई है।

क्यों गिरा सोना-चांदी का बाजार?

विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक कारकों ने इस गिरावट में बड़ी भूमिका निभाई है। इनमें प्रमुख हैं:

  • ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव
  • अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी
  • कच्चे तेल की कीमतों में अनिश्चितता
  • मजबूत अमेरिकी डॉलर
  • अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सख्त रुख

इन वजहों से बाजार में अस्थिरता बढ़ी है, जिससे सोना-चांदी के भाव में तेज गिरावट और फिर उछाल देखने को मिला।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

Enrich Money के CEO पोनमुडी आर के अनुसार, सोने का व्यापक रुझान अभी भी कमजोरी की ओर इशारा करता है। हालांकि, वैश्विक तनाव के चलते सेफ हेवन डिमांड समय-समय पर कीमतों को सहारा दे रही है। उन्होंने कहा कि भारत में सोने का भाव अभी 1,40,000 रुपये के सपोर्ट लेवल के ऊपर बना हुआ है, जो यह दर्शाता है कि ऊंचे स्तरों पर भी खरीदारी जारी है।

आगे क्या रहेगा रुख?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,600 डॉलर के ऊपर टिकता है तो इसमें 4,750 डॉलर तक तेजी आ सकती है। वहीं, 4,300 डॉलर के नीचे जाने पर गिरावट और तेज हो सकती है। कुल मिलाकर, बाजार फिलहाल सतर्क लेकिन सकारात्मक रुख में है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए सोच-समझकर फैसले लेने की सलाह दी जा रही है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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