राजस्थान में SOG की बड़ी कार्रवाई: भर्ती परीक्षाओं में सेंध लगाने वाले ‘डमी माफिया’ के 4 आरोपी गिरफ्तार

जयपुर, 2 मई 2026। राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा और डमी कैंडिडेट बैठाने वाले गिरोह के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में 3 डमी कैंडिडेट और एक मुख्य दलाल को पकड़ा गया है। मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ लिया है क्योंकि गिरफ्तार आरोपियों में सरकारी शिक्षक भी शामिल हैं।

SOG की इस कार्रवाई को प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में असली अभ्यर्थियों की जगह डमी उम्मीदवार बैठाकर लाखों रुपये की कमाई कर रहे थे।

कौन-कौन गिरफ्तार हुआ?

SOG द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—

  • अशोक बिश्नोई – गिरोह का मुख्य दलाल और मास्टरमाइंड
  • मनोहर लाल – द्वितीय श्रेणी शिक्षक, डमी कैंडिडेट के रूप में शामिल
  • सुनील – तृतीय श्रेणी शिक्षक
  • अशोक ज्याणी – डमी अभ्यर्थी

पुलिस के अनुसार, ये सभी अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में फर्जी तरीके से उम्मीदवारों को पास कराने के नेटवर्क से जुड़े हुए थे। SOG जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। मुख्य आरोपी अशोक बिश्नोई ऐसे लोगों की तलाश करता था जिनकी शक्ल असली अभ्यर्थी से मिलती-जुलती हो और जो परीक्षा देने में सक्षम हों।

गिरोह की कार्यप्रणाली
  • असली अभ्यर्थी की जगह डमी उम्मीदवार बैठाना
  • आधार कार्ड और एडमिट कार्ड में छेड़छाड़
  • सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों को मोटी रकम का लालच देना
  • एक चयन के बदले 5 से 10 लाख रुपये तक की डील

सूत्रों के अनुसार, गिरोह ने कई बड़ी भर्ती परीक्षाओं में भी सक्रिय भूमिका निभाई हो सकती है।

सरकारी शिक्षक भी जांच के घेरे में

मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि गिरफ्तार दो आरोपी पहले से सरकारी शिक्षक हैं। SOG अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं इन शिक्षकों ने खुद अपनी भर्ती परीक्षाएं भी डमी कैंडिडेट के जरिए तो पास नहीं की थीं। यदि जांच में यह सच साबित होता है तो शिक्षा विभाग में बड़े स्तर पर कार्रवाई संभव है।

कई बड़ी भर्तियों में लिंक तलाश रही SOG

पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरोह राजस्थान की REET, शिक्षक भर्ती और सब-इंस्पेक्टर भर्ती जैसी परीक्षाओं में भी सक्रिय रहा हो सकता है। SOG अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य दलालों, अभ्यर्थियों और सरकारी कर्मचारियों की पहचान में जुटी हुई है।

सरकार का सख्त संदेश

मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने पहले ही पेपर लीक और भर्ती घोटालों पर “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाने की बात कही थी। SOG की यह कार्रवाई उसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। प्रदेश के लाखों प्रतियोगी छात्रों के बीच इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों पर अब लगातार शिकंजा कसा जाएगा।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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