केरल विधानसभा चुनाव 2026 में शानदार जीत हासिल करने के बावजूद कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ में मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल करने वाले गठबंधन ने अभी तक अपने मुख्यमंत्री चेहरे का ऐलान नहीं किया है। इस देरी को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में बेचैनी बढ़ती जा रही है, जबकि कुछ इलाकों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
हाईकमान के फैसले का इंतजार
केरल कांग्रेस अध्यक्ष Sunny Joseph ने कहा कि मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा जल्द की जा सकती है। उनके मुताबिक, पार्टी के भीतर अधिकांश चर्चाएं पूरी हो चुकी हैं और अब केवल हाईकमान की अंतिम मंजूरी का इंतजार है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता और नेता केंद्रीय नेतृत्व के फैसले की प्रतीक्षा कर रहे हैं। दिल्ली में शीर्ष नेताओं के साथ लगातार संवाद जारी है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
सोनिया गांधी के हेल्थ चेकअप से बढ़ी देरी
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष Sonia Gandhi के रूटीन हेल्थ चेकअप के कारण निर्णय प्रक्रिया में थोड़ी देरी हुई। उन्होंने गुरुग्राम स्थित Medanta – The Medicity में मेडिकल जांच कराई, जिसके बाद वह घर लौट आईं। कांग्रेस महासचिव Jairam Ramesh ने भी इसकी पुष्टि की। बताया जा रहा है कि हाईकमान अब केरल के वरिष्ठ नेताओं के साथ अंतिम दौर की बातचीत कर रहा है।
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कौन आगे?
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री पद के लिए तीन बड़े नामों पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। इनमें विपक्ष के नेता V. D. Satheesan, कांग्रेस महासचिव K. C. Venugopal और वरिष्ठ नेता Ramesh Chennithala शामिल हैं। तीनों नेताओं का पार्टी संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत प्रभाव माना जाता है। ऐसे में हाईकमान संतुलन साधते हुए ऐसा फैसला लेना चाहता है जिससे संगठन और गठबंधन दोनों मजबूत बने रहें।
IUML ने भी शुरू की तैयारी
इधर सहयोगी दल Indian Union Muslim League ने भी सरकार गठन को लेकर अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी नेता P. K. Kunhalikutty ने कहा कि कांग्रेस जल्द फैसला करेगी, जिसके बाद गठबंधन स्तर पर चर्चा आगे बढ़ेगी। आईयूएमएल ने पनक्कड़ में आपात बैठक बुलाकर मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी और संवैधानिक पदों को लेकर रणनीति पर चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, यदि कैबिनेट में अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिला तो पार्टी अन्य विकल्पों पर भी विचार कर सकती है।
कार्यकर्ताओं की बढ़ रही बेचैनी
यूडीएफ की बड़ी जीत के बाद समर्थकों को उम्मीद थी कि सरकार गठन की प्रक्रिया तेजी से पूरी हो जाएगी, लेकिन लगातार हो रही देरी ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है। अब सबकी नजर दिल्ली में होने वाले अंतिम फैसले पर टिकी हुई है, जहां से केरल के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगने की संभावना है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








