बहुचर्चित NEET पेपर लीक कांड लगातार नए मोड़ ले रहा है। अब इस मामले में राजस्थान की सत्ताधारी पार्टी BJP के विधायक के परिवार का नाम सामने आने के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। जयपुर ग्रामीण की जमवारामगढ़ विधानसभा सीट से भाजपा विधायक Mahendra Pal Meena के भतीजे धर्म चंद मीणा के NEET परीक्षा में चयन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इसी मुद्दे को लेकर राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष Govind Singh Dotasra ने सोशल मीडिया पर तीखा हमला बोलते हुए केंद्र सरकार और जांच एजेंसी CBI पर सवाल खड़े किए हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद साल 2025 की NEET-MBBS प्रवेश परीक्षा से जुड़ा हुआ है। विधायक महेंद्र पाल मीणा के भतीजे धर्म चंद मीणा का चयन अनुसूचित जनजाति (ST) कैटेगरी में हुआ था। उन्होंने ऑल इंडिया स्तर पर ST वर्ग में 781वीं रैंक हासिल की थी, जिसके बाद उन्हें एक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज आवंटित हुआ। जब परीक्षा परिणाम घोषित हुए थे, तब विधायक महेंद्र पाल मीणा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से भतीजे को बधाई देते हुए पोस्ट साझा की थी। अब NEET पेपर लीक मामले में आरोपी दिनेश और मांगीलाल बिवाल की गिरफ्तारी के बाद वही पुरानी पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
डोटासरा का BJP पर बड़ा हमला
गोविंद सिंह डोटासरा ने वायरल पोस्ट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि NEET 2025 में आरोपी दिनेश और मांगीलाल बिवाल से जुड़े कई बच्चों के चयन के अलावा जमवारामगढ़ से भाजपा विधायक के भतीजे का चयन भी सवाल खड़े करता है। डोटासरा ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी दिनेश बिवाल ने गिरफ्तारी के समय मीडिया के सामने कहा था कि इस पूरे खेल में कई “बड़े लोग” शामिल हैं। कांग्रेस का दावा है कि दिनेश बिवाल का जमवारामगढ़ क्षेत्र में प्रभाव था और वह स्थानीय भाजपा नेताओं के करीबी लोगों में गिना जाता था।
राजनीतिक कड़ियों की जांच की मांग
कांग्रेस ने मांग की है कि पूरे मामले की राजनीतिक और प्रशासनिक कड़ियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी का आरोप है कि इतनी ऊंची रैंक हासिल करने वाले चयन की भी गहराई से जांच होनी चाहिए कि कहीं इसके पीछे कथित पेपर लीक नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था। डोटासरा ने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले पूरे सिंडिकेट और उनसे जुड़े राजनीतिक चेहरों को जनता के सामने लाना जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केंद्र सरकार और CBI इस राजनीतिक एंगल की भी उतनी ही गंभीरता से जांच करेगी, जितनी अन्य आरोपियों की कर रही है।
BJP में बढ़ी बेचैनी
विधायक के परिवार का नाम सामने आने के बाद राजस्थान भाजपा में हलचल तेज हो गई है। हालांकि अब तक विधायक महेंद्र पाल मीणा या भाजपा की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी विधानसभा सत्र में कांग्रेस इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाने की तैयारी में है, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ सकता है।
परीक्षा की साख पर उठे सवाल
देशभर में NEET परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर पहले ही छात्रों में नाराजगी बनी हुई है। ऐसे में एक मौजूदा विधायक के परिवार का नाम विवाद से जुड़ने के बाद मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया है। अब सभी की नजरें CBI जांच पर टिकी हैं कि एजेंसी इस कथित राजनीतिक कनेक्शन की जांच अपने दायरे में शामिल करती है या नहीं
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







