शिकोहपुर जमीन सौदे मामले में रॉबर्ट वाड्रा को जमानत, ED पर लगाए गंभीर आरोप

शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में कारोबारी Robert Vadra को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से जमानत मिल गई है। यह मामला लंबे समय से जांच एजेंसियों और अदालतों में चर्चा का विषय बना हुआ है। शुक्रवार को अदालत में पेश होने के बाद वाड्रा ने कहा कि उन्हें देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। साथ ही उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर सरकार के इशारों पर काम करने का आरोप लगाया।

हाल ही में कोर्ट ने इस मामले में ED की चार्जशीट पर संज्ञान लिया था, जिसके बाद रॉबर्ट वाड्रा को अदालत में पेश होना पड़ा। अदालत में उनकी ओर से वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत के साथ प्रतीक चड्ढा और अक्षत गुप्ता ने पैरवी की। मामला प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दर्ज किया गया है। मीडिया से बातचीत के दौरान रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और वह हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें भारतीय न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि ED सरकार के निर्देशों पर काम कर रही है। वाड्रा ने खुद को निडर बताते हुए कहा कि वह सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करेंगे और जांच में पूरा सहयोग देंगे।

क्या है शिकोहपुर जमीन सौदा मामला?

यह मामला फरवरी 2008 में हुए एक जमीन सौदे से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी के अनुसार स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी ने हरियाणा के शिकोहपुर में करीब 3.5 एकड़ जमीन 7.5 करोड़ रुपये में खरीदी थी। बाद में यही जमीन साल 2012 में रियल एस्टेट कंपनी DLF Limited को लगभग 58 करोड़ रुपये में बेच दी गई। ED का आरोप है कि जमीन से जुड़े कागजी काम और डेवलपमेंट की मंजूरी बेहद तेजी से दी गई, जिससे जमीन की कीमत में भारी बढ़ोतरी हुई। एजेंसी का दावा है कि यह पूरा सौदा कथित तौर पर अवैध धन को छिपाने और इस्तेमाल करने की योजना का हिस्सा था।

दिल्ली हाई कोर्ट में भी जारी है सुनवाई

इस मामले को लेकर Delhi High Court में भी सुनवाई चल रही है। रॉबर्ट वाड्रा की ओर से वरिष्ठ वकील Abhishek Manu Singhvi ने दलील दी कि जिन घटनाओं की बात की जा रही है, वे 2008 से 2012 के बीच की हैं, जबकि PMLA कानून की कुछ धाराएं बाद में जोड़ी गई थीं। वहीं ED की तरफ से वकील जोहेब हुसैन ने इस दलील का विरोध किया। हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 18 मई के लिए तय की है।

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Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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