यूक्रेन का दावा- क्रीमिया में 47 रूसी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमला, S-400 सिस्टम और तेल डिपो को बनाया निशाना

कीव/मॉस्को: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन ने एक बड़े ड्रोन ऑपरेशन का दावा किया है। यूक्रेन की अनमैन्ड सिस्टम्स फोर्स (Drone Forces) के अनुसार, 5 और 6 जुलाई की रात रूस के कब्जे वाले क्रीमिया समेत कई इलाकों में 47 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। यूक्रेनी सेना का कहना है कि इस अभियान में रूस के अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम, तेल भंडारण केंद्र और सैन्य लॉजिस्टिक नेटवर्क को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और रूस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।

S-400 एयर डिफेंस सिस्टम पर हमले का दावा

यूक्रेन की अनमैन्ड सिस्टम्स फोर्स के कमांडर रॉबर्ट मैग्यार ब्रोवदी ने सोशल मीडिया पर बताया कि ऑपरेशन के दौरान रूस के दो S-400 ट्रायम्फ एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया। S-400 रूस की सबसे आधुनिक व लंबी दूरी की वायु रक्षा प्रणालियों में गिना जाता है। यदि इस पर हमला सफल रहा है, तो यह रूस की हवाई सुरक्षा व्यवस्था के लिए रणनीतिक झटका माना जा सकता है।

तेल डिपो और ईंधन टैंकर भी रहे निशाने पर

यूक्रेन ने दावा किया कि क्रीमिया के केर्च क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख तेल डिपो पर भी ड्रोन हमला किया गया। बताया गया कि इस हमले के बाद वहां आग लगने की सूचना मिली है। इसके अलावा पेट्रोल ले जा रहे दो बड़े ईंधन टैंकरों को भी निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। यूक्रेन का कहना है कि इससे रूसी सेना की ईंधन आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

नेबो-यू रडार स्टेशन को भी बनाया लक्ष्य

यूक्रेनी सेना के अनुसार, हमले में रूस के नेबो-यू (Nebo-U) रडार स्टेशन को भी निशाना बनाया गया। यह रडार लंबी दूरी तक हवाई गतिविधियों की निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाता है और रूस की वायु रक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। यूक्रेन का दावा है कि ड्रोन हमले इतने सटीक थे कि कई अहम सैन्य प्रतिष्ठानों तक पहुंचने में सफल रहे।

बढ़ रहे हैं ड्रोन हमले

पिछले कुछ महीनों में यूक्रेन ने रूस और रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों में ड्रोन हमलों की संख्या बढ़ाई है। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य सैन्य ठिकानों, ईंधन भंडारण केंद्रों और लॉजिस्टिक नेटवर्क को निशाना बनाना बताया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि S-400 जैसी उन्नत रक्षा प्रणाली वास्तव में प्रभावित हुई है, तो यह रूस की सुरक्षा रणनीति के लिए चिंता का विषय हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि स्वतंत्र स्रोतों से होना अभी बाकी है।

रूस की प्रतिक्रिया का इंतजार

समाचार लिखे जाने तक रूस के रक्षा मंत्रालय या अन्य सरकारी एजेंसियों की ओर से इस कथित हमले को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। ऐसे में यूक्रेन के दावों की पुष्टि फिलहाल स्वतंत्र रूप से नहीं हो सकी है। युद्ध के दौरान दोनों पक्ष अक्सर सैन्य अभियानों से जुड़े दावे करते रहे हैं, जिनकी पुष्टि बाद में उपग्रह तस्वीरों, स्वतंत्र एजेंसियों या आधिकारिक जांच के जरिए होती है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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