अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। ट्रस्ट की अहम बैठक में महासचिव चंपत राय का इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया। उनके स्थान पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा को ट्रस्ट का नया महासचिव नियुक्त किया गया है। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मामला चर्चा में है और इसकी जांच जारी है।
चढ़ावा विवाद के बीच दिया था इस्तीफा
राम मंदिर में दान और चढ़ावे से जुड़े कथित गबन के मामले के सामने आने के बाद चंपत राय ने महासचिव पद से इस्तीफा सौंप दिया था। उनके साथ ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने भी पद छोड़ दिया था। अब ट्रस्ट ने चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार करते हुए नए महासचिव के नाम पर मुहर लगा दी है। हालांकि, जांच एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच जारी है।
कौन हैं चंपत राय?
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना निवासी चंपत राय लंबे समय से विश्व हिंदू परिषद से जुड़े रहे हैं और संगठन में अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। आपातकाल (1975) के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। उस समय वे धामपुर स्थित आरएसएम कॉलेज में प्राध्यापक थे और करीब 18 महीने तक जेल में रहे थे। बाद में वे राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल हुए और मंदिर निर्माण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बजरंग लाल बागड़ा को मिली बड़ी जिम्मेदारी
ट्रस्ट की बैठक में सर्वसम्मति से बजरंग लाल बागड़ा को नया महासचिव चुना गया। वे लंबे समय से विश्व हिंदू परिषद में संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं और राम मंदिर आंदोलन से भी जुड़े रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, बागड़ा फिलहाल अयोध्या में मौजूद हैं। औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद वे जल्द ही ट्रस्ट के महासचिव का कार्यभार संभालेंगे।
ट्रस्ट अध्यक्ष बोले- दोषियों को मिले कड़ी सजा
बैठक से पहले ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने एक पत्र जारी कर चढ़ावा विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस घटना से वे बेहद आहत हैं और जिसने भी श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने अपने संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा जताते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होगी। साथ ही उन्होंने अपील की कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस विषय पर राजनीतिक लाभ लेने से बचना चाहिए।
जांच पर टिकी निगाहें
राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर पहले ही विशेष जांच दल (SIT) जांच कर रहा है। ट्रस्ट में नेतृत्व परिवर्तन के बाद अब सभी की निगाहें जांच की प्रगति और उसकी अंतिम रिपोर्ट पर हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई और ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








