विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोशल मीडिया पर सक्रिय फर्जी अकाउंट्स और स्वयंभू सलाहकारों को लेकर देशभर के नागरिकों के लिए अहम चेतावनी जारी की है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कुछ लोग खुद को विदेश मंत्रालय का सलाहकार बताकर ट्रेड, माइग्रेशन, वीजा और अन्य नीतिगत मामलों में सलाह देने का दावा कर रहे हैं और इसके बदले लोगों से मोटी रकम वसूल रहे हैं। मंत्रालय ने साफ कहा है कि ऐसे व्यक्तियों का विदेश मंत्रालय से कोई संबंध नहीं है।
सोशल मीडिया पर बढ़ी फर्जी सलाहकारों की सक्रियता
विदेश मंत्रालय के अनुसार, हाल के दिनों में कई सोशल मीडिया अकाउंट्स खुद को मंत्रालय से जुड़ा या अधिकृत बताकर लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश कर रहे हैं। ये अकाउंट्स दावा करते हैं कि वे मंत्रालय को नीतिगत सलाह देते हैं या सरकारी प्रक्रियाओं की विशेष जानकारी रखते हैं। इसी बहाने वे पेड कंसल्टेशन और ऑनलाइन सेशन के नाम पर लोगों से पैसे वसूल रहे हैं।
आकर्षक दावों से लोगों को बना रहे निशाना
मंत्रालय ने बताया कि ठग “एमईए के साथ कैसे काम करें”, “वीजा और ट्रेड पॉलिसी की अंदरूनी जानकारी” या “सरकारी संपर्क” जैसे लुभावने दावे कर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। कई मामलों में लोगों ने हजारों रुपये खर्च किए, लेकिन बाद में पता चला कि उन्हें दी गई जानकारी गलत या भ्रामक थी।
विदेश मंत्रालय ने जारी की स्पष्ट चेतावनी
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक फैक्ट-चेक प्लेटफॉर्म ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा है कि जो लोग खुद को MEA का सलाहकार बता रहे हैं, उनका मंत्रालय से कोई संबंध नहीं है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और वेरिफाइड सोशल मीडिया हैंडल्स से ही जानकारी प्राप्त करें।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति या संस्था यदि विदेश मंत्रालय के नाम पर पैसे लेकर निजी सलाह देने का दावा करती है, तो उसे गंभीरता से संदेह की नजर से देखें क्योंकि यह धोखाधड़ी हो सकती है।
विदेश जाने वालों को सबसे ज्यादा खतरा
विदेश में नौकरी, उच्च शिक्षा या व्यापार की तैयारी कर रहे लोग ऐसे फर्जी सलाहकारों के सबसे आसान निशाने बन रहे हैं। मंत्रालय का कहना है कि विदेश संबंधी प्रक्रियाओं की जानकारी हासिल करने की जल्दबाजी में कई लोग बिना सत्यापन किए ऐसे अकाउंट्स पर भरोसा कर लेते हैं और आर्थिक नुकसान उठाते हैं।
ऐसे बचें ऑनलाइन फ्रॉड से
केवल विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट और वेरिफाइड सोशल मीडिया अकाउंट्स से ही जानकारी लें।
किसी भी पेड सलाह या कंसल्टेशन से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि करें।
संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स और पोस्ट की तुरंत रिपोर्ट करें।
याद रखें, सरकार की कोई भी आधिकारिक एजेंसी निजी सलाह के नाम पर पैसे नहीं वसूलती।
विदेश मंत्रालय ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की है, ताकि इस तरह के ऑनलाइन फ्रॉड पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








