धौलपुर। राजस्थान के धौलपुर जिले में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पति की मौत के सदमे में अस्पताल में भर्ती उनकी पत्नी और पूर्व महिला डकैत कोमेश गुर्जर ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने हत्या को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा कि उन्हें केवल वास्तविक साजिशकर्ताओं का सच जानना है। कोमेश गुर्जर का आरोप है कि इस मामले में सिर्फ नामजद आरोपी ही नहीं, बल्कि पूरी साजिश की भी जांच होनी चाहिए।
अस्पताल से लगाए गंभीर आरोप
धौलपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कोमेश गुर्जर ने कहा कि उनके पति की हत्या के पीछे की असली वजह सामने आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि आरोपी यह स्वीकार कर ले कि हत्या किस दुश्मनी या किसके इशारे पर की गई, तो उन्हें मानसिक संतोष मिलेगा। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ न्याय चाहिए और पूरी साजिश का खुलासा होना चाहिए।
जेल प्रशासन पर उठाए सवाल
कोमेश गुर्जर ने जेल प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि जेल जैसी उच्च सुरक्षा वाली जगह पर हत्या की साजिश और हथियार कैसे पहुंचा, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि मामले के मुख्य आरोपी विष्णु जाट से कड़ी पूछताछ की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि हत्या व्यक्तिगत रंजिश का परिणाम थी या इसके पीछे कोई बड़ा षड्यंत्र था। हालांकि, इन आरोपों पर जेल प्रशासन या पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
हत्या से पहले सेल बदलने का दावा
कोमेश ने दावा किया कि उनके परिवार को मिली जानकारी के अनुसार हत्या से पहले जगन गुर्जर को एक अलग बैरक में शिफ्ट किया गया था। उनका आरोप है कि बाद में आरोपी को उसी सेल में भेजा गया और दो दिन बाद हत्या हो गई। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है और पुलिस जांच जारी है।
‘जमानत मिलने वाली थी’
कोमेश का कहना है कि हत्या वाले दिन सुबह उनकी जगन गुर्जर से जेल के एसटीडी फोन पर बातचीत हुई थी। उनके अनुसार, उस दिन जगन सामान्य थे और उन्होंने बताया था कि उनकी जमानत याचिका पर अदालत में सुनवाई होनी थी। कोमेश ने आशंका जताई कि संभावित जमानत से पहले ही हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि, इस दावे की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस जांच जारी
जगन गुर्जर की हत्या के बाद पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। जेल के भीतर हुई इस घटना को लेकर सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों की निगरानी और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली भी जांच के दायरे में है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
चंबल के इतिहास से जुड़ा नाम
कोमेश गुर्जर कभी चंबल के बीहड़ों में सक्रिय रही थीं। बाद में उन्होंने आत्मसमर्पण किया था। जगन गुर्जर के साथ उनका नाम लंबे समय तक चंबल क्षेत्र के चर्चित मामलों में जुड़ा रहा। अब जगन की हत्या के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है और पूरे घटनाक्रम पर पुलिस की जांच तथा अदालत की प्रक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हैं।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







