नई दिल्ली। भारतीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके कथित सहयोगी गोल्डी बराड़ के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई के बाद भारत ने भी कड़ा रुख अपनाया है। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) की ओर से दायर एक फेडरल चार्जशीट में दोनों पर कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से जुड़े आरोपों का उल्लेख किया गया है। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और अमेरिका अंतरराष्ट्रीय अपराध, आतंकवाद और संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करेंगे।
विदेश मंत्रालय का बयान
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और अमेरिका लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय अपराध, आतंकवाद, ड्रग तस्करी और अन्य संगठित अपराधों के खिलाफ सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत का हमेशा से मानना रहा है कि ऐसे वैश्विक आपराधिक नेटवर्क समाज और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। दोनों देश इन नेटवर्क के खिलाफ समन्वित कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध हैं।
अमेरिका की चार्जशीट में क्या है?
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा हाल ही में दाखिल फेडरल चार्जशीट में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के खिलाफ कई गंभीर आरोपों का उल्लेख किया गया है। दस्तावेज में कनाडा में मारे गए खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से जुड़े आरोप भी शामिल हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अभी न्यायिक प्रक्रिया जारी है और मामले में अंतिम फैसला आना बाकी है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर पहले भी लग चुके हैं आरोप
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम पिछले कुछ वर्षों में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में कई आपराधिक मामलों में सामने आता रहा है। जांच एजेंसियों ने पहले भी इस गैंग पर जेल के भीतर से आपराधिक गतिविधियां संचालित करने, रंगदारी, हथियारों की तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े आरोप लगाए हैं। हत्याकांड के बाद इस गैंग का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में आया।
भारत-अमेरिका बढ़ाएंगे सहयोग
विदेश मंत्रालय ने कहा कि संगठित अपराध, ड्रग्स की तस्करी, अवैध हथियारों का कारोबार, मानव तस्करी और आतंकवाद के वित्तपोषण जैसे मामलों से निपटने के लिए भारत और अमेरिका के बीच सहयोग और मजबूत होगा। सरकार के अनुसार दोनों देश खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान, संदिग्धों की पहचान, निगरानी और कानूनी कार्रवाई के स्तर पर मिलकर काम करेंगे ताकि अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क पर फोकस
विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि भारत ऐसे सभी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई के पक्ष में है जो देश और दुनिया की शांति एवं सुरक्षा के लिए खतरा बनते हैं। सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव है और इसी दिशा में भारत अपने साझेदार देशों के साथ लगातार काम कर रहा है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








