Alwar ACB Trap: रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया ASI, केस से नाम हटाने और राहत दिलाने के बदले मांगे थे 25 हजार रुपये

अलवर। राजस्थान के अलवर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अरावली विहार थाना में तैनात सहायक उप निरीक्षक (ASI) शंकर लाल शर्मा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पर एक आपराधिक मामले में नाम हटाने, मारपीट नहीं करने और जांच में राहत देने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।

बेटे का नाम केस से हटाने के नाम पर मांगी रिश्वत

एसीबी के अनुसार, परिवादी ने अलवर प्रथम चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पुत्र के खिलाफ अरावली विहार थाना में अपराध संख्या 269/26 दर्ज है। मामले के जांच अधिकारी एएसआई शंकर लाल शर्मा कथित तौर पर उसके बेटे का नाम मुकदमे से हटाने, उसके साथ मारपीट नहीं करने और जांच में राहत देने के एवज में 25 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। लगातार रिश्वत की मांग और दबाव से परेशान होकर परिवादी ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से की।vशिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पूरे मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी एएसआई पहले ही परिवादी से कुछ रकम ले चुका था और अब शेष राशि की मांग कर रहा था।vसत्यापन के दौरान आरोपी ने 10 हजार रुपये तत्काल लेने और बाकी 10 हजार रुपये बाद में लेने की बात भी कही थी।

एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर उप महानिरीक्षक पुलिस (प्रथम) डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में अलवर प्रथम चौकी प्रभारी एवं उप अधीक्षक शब्बीर खान के नेतृत्व में ट्रैप टीम गठित की गई।मंगलवार को टीम ने भूगोर तिराहा पर जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी एएसआई ने सह-परिवादी से 10 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।vएसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। साथ ही उसके ठिकानों पर तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि आय से अधिक संपत्ति अथवा भ्रष्टाचार से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाए जा सकें।

एसीबी ने आरोपी एएसआई के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई है। एसीबी ने दोहराया है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

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Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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