नई दिल्ली: नीट (NEET-UG) विवाद और देशव्यापी छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके वर्तमान मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपने की मंजूरी दे दी गई है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह नई व्यवस्था तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है। हालिया विवादों के बीच प्रह्लाद जोशी को जिम्मेदारी सौंपकर केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में नई प्रशासनिक मजबूती देने का प्रयास किया है।
इस्तीफे के बाद बोले धर्मेंद्र प्रधान- ’10 दिनों से दुखी था मन’
इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान का आधिकारिक बयान भी सामने आया है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी (NEET-UG) के परिणाम संतोषजनक रहे और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के कई होनहार छात्रों ने सफलता हासिल की।उन्होंने दुख जताते हुए कहा: “परिणामों के बावजूद कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को भ्रमित करने और माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया, जिससे बीते 10 दिनों से मेरा मन अत्यंत व्यथित था। मुझे भारतीय लोकतंत्र की ताकत पर पूरा भरोसा है। युवा केवल देश का भविष्य नहीं हैं, बल्कि ‘विकसित भारत’ के निर्माण के सबसे मुख्य स्तंभ हैं।”
NEET विवाद से यूं शुरू हुआ था राष्ट्रव्यापी छात्र आंदोलन
शिक्षा व्यवस्था में आए इस बड़े उबाल की शुरुआत 3 मई 2026 को आयोजित हुई NEET-UG परीक्षा के साथ हुई थी:
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पेपर लीक के आरोप: परीक्षा के तुरंत बाद कथित पेपर लीक और धांधली के आरोप लगे, जिसने सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया।
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सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर विवाद: 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत द्वारा इस्तेमाल किए गए ‘कॉकरोच’ शब्द को लेकर भी काफी बहस देखने को मिली थी। हालांकि, बाद में उन्होंने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा था कि यह शब्द छात्रों के लिए नहीं, बल्कि फर्जी डिग्रियों के जरिए प्रणाली में घुसे अयोग्य तत्वों के लिए था।
नए शिक्षा मंत्री के सामने बड़ी चुनौतियां
जंतर-मंतर पर आंदोलनों के बीच और NTA की साख को पुनर्गठित करने के दौर में प्रह्लाद जोशी का शिक्षा मंत्रालय का प्रभार संभालना एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि नए शिक्षा मंत्री छात्रों के विश्वास को बहाल करने और आगामी प्रवेश परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








