राजस्थान के युवाओं और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर पूरी तरह से गरमा गई है। राजस्थान विश्वविद्यालय (RU) सहित प्रदेश भर के सरकारी और निजी कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर राजधानी जयपुर में भारी बवाल देखने को मिला।छात्र नेता नीरज खीचड़ के नेतृत्व में हजारों छात्रों ने एकजुट होकर राजस्थान विधानसभा का घेराव करने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस प्रशासन और उग्र छात्रों के बीच तीखी झड़प, धक्का-मुक्की और नारेबाजी हुई।
बैरिकेड्स तोड़े
विधानसभा की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारी छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। हालांकि, उग्र छात्रों ने पुलिस द्वारा लगाए गए मजबूत बैरिकेड्स को तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और नीरज खीचड़ सहित कई प्रमुख छात्र नेताओं को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। इस घटना के बाद पूरे जयपुर में छात्र संगठनों के बीच भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है।
‘यह भीख नहीं, हमारा संवैधानिक हक है’ — नीरज खीचड़
विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस प्रशासन से भिड़ंत के बीच युवा नेता नीरज खीचड़ ने सरकार के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाया।सरकार पर हमला: खीचड़ ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव कोई भीख नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों युवाओं का संवैधानिक अधिकार है।छात्रों को रोकने का आरोप: उन्होंने आरोप लगाया कि सीकर, झुंझुनूं और दौसा से जयपुर आ रहे छात्रों की गाड़ियों को पुलिस जगह-जगह रोक रही है और उनके जबरन चालान काटे जा रहे हैं। 4 साल का संघर्ष: नीरज खीचड़ ने याद दिलाया कि पिछले 4 साल से छात्र चुनाव कराने की मांग को लेकर पानी की टंकियों पर चढ़े, आमरण अनशन किए और पुलिस की लाठियां खाई हैं, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। प्रतिनिधित्व का संकट: उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के करीब 80 प्रतिशत विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेज इस समय बिना चुने हुए छात्र प्रतिनिधियों के चल रहे हैं, जिससे छात्रों की बुनियादी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है।
कांवड़िया बनकर पहुंचे RLP नेता कमल चौधरी डिटेन
जयपुर में चल रहे इस आंदोलन के बीच राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) से जुड़े छात्र नेता कमल चौधरी का एक अनोखा अंदाज देखने को मिला। कमल चौधरी कांवड़िया का रूप धारण कर कांवड़ उठाए हुए विधानसभा की ओर बढ़े और अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। हालांकि, पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कमल चौधरी और उनके साथ मौजूद समर्थकों को विधानसभा मार्ग पर ही रोक लिया और हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। इस कार्रवाई के बाद आरएलपी समर्थकों ने पुलिस और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पूरे प्रदेश से जयपुर कूच कर रहे छात्र
छात्रसंघ चुनाव की बहाली को लेकर युवाओं का यह आंदोलन अब सिर्फ जयपुर तक सीमित नहीं रह गया है। झुंझुनूं, सीकर, दौसा और कोटा जैसे जिलों से भी छात्र लगातार जयपुर की तरफ कूच कर रहे हैं। छात्र नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक चुनाव बहाल करने की घोषणा नहीं होती, तब तक यह आर-पार की लड़ाई जारी रहेगी।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








