राजस्थान की भजनलाल सरकार ने दीपावली से पहले राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनर्स की महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद महंगाई भत्ता और महंगाई राहत 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगी। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के 7 लाख से अधिक कर्मचारियों और 5 लाख से अधिक पेंशनर्स को फायदा मिलेगा। इसके साथ ही करीब 6 लाख पात्र कर्मचारियों को तदर्थ बोनस देने का भी फैसला किया गया है।
1 जुलाई 2026 से मिलेगा बढ़े हुए DA और DR का लाभ
राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार, महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में की गई बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से लागू होगी। हालांकि, कर्मचारियों को बढ़े हुए डीए का नकद भुगतान नवंबर महीने के वेतन के साथ दिसंबर में किया जाएगा। यानी कर्मचारियों को दिसंबर में मिलने वाली नवंबर की सैलरी में बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ दिखाई देगा। वहीं, पेंशनर्स को बढ़ी हुई महंगाई राहत का लाभ भी 1 जुलाई 2026 से मिलेगा। इससे उनकी मासिक पेंशन में बढ़ोतरी होगी।
कर्मचारियों को चार महीने का एरियर, GPF खाते में जमा होगी राशि
डीए बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से लागू होने के कारण कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर यानी चार महीने का एरियर भी मिलेगा। सरकार के फैसले के अनुसार, इस अवधि की एरियर राशि कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि (GPF) खाते में जमा कराई जाएगी। दूसरी ओर, पेंशनर्स को 1 जुलाई 2026 से बढ़ी हुई महंगाई राहत का नकद भुगतान किया जाएगा। इस फैसले से कर्मचारियों और पेंशनर्स दोनों को आर्थिक लाभ मिलेगा।
DA-DR बढ़ोतरी से सरकार पर 820 करोड़ रुपये का भार
महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी से राजस्थान सरकार पर करीब 820 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। डीए बढ़ने से कर्मचारियों के मासिक वेतन में इजाफा होगा, जबकि डीआर बढ़ने से पेंशनर्स को हर महीने पहले से अधिक पेंशन मिलेगी। त्योहारी सीजन में सरकार के इस फैसले से लाखों कर्मचारी और पेंशनर्स परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
6 लाख कर्मचारियों को मिलेगा बोनस, 406 करोड़ रुपये होंगे खर्च
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के साथ ही सरकार ने करीब 6 लाख पात्र कर्मचारियों को तदर्थ बोनस देने का भी निर्णय लिया है। इस बोनस पर राज्य सरकार लगभग 406 करोड़ रुपये खर्च करेगी। बोनस मिलने से पात्र कर्मचारियों को दीपावली के अवसर पर एकमुश्त आर्थिक लाभ मिलेगा। डीए-डीआर बढ़ोतरी और बोनस को मिलाकर राजस्थान सरकार पर कुल 1,226 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों का संरक्षण तथा उनका कल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। कर्मचारी प्रदेश के विकास और सुशासन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके योगदान को सम्मान देते हुए सरकार लगातार उनके हित में फैसले ले रही है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








