राजस्थान की 16वीं विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार का दिन सियासी तौर पर बेहद गर्म रहा। राज्यपाल के अभिभाषण पर चल रही बहस का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने न सिर्फ सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, बल्कि विपक्ष के हर सवाल पर बिंदुवार और आक्रामक अंदाज में जवाब दिया। मुख्यमंत्री का यह संबोधन पहले बुधवार को होना था, लेकिन विधानसभा की कार्यमंत्रणा समिति (BAC) के निर्णय के बाद इसे एक दिन आगे बढ़ा दिया गया।
खेजड़ी बचाने को बनेगा कानून
बीकानेर में खेजड़ी वृक्षों की कटाई के विरोध में चल रहे संत समाज के आमरण अनशन के बीच मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने सदन में कहा कि खेजड़ी राजस्थान का कल्पवृक्ष है और इसके संरक्षण के लिए राज्य सरकार जल्द ही विशेष कानून लेकर आएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि कानून का मसौदा तैयार किया जा रहा है और उसे शीघ्र ही विधानसभा में पेश किया जाएगा। इधर, अनशन स्थल पर 10 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ने की खबरों के बीच संत समाज ने सरकार को एक दिन का अल्टीमेटम दिया है।
‘5 साल बनाम 2 साल’ की बहस को तैयार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विपक्ष की चुनौती स्वीकार करते हुए कहा कि वे 5 साल और 2 साल के कामकाज की तुलना पर खुली बहस के लिए तैयार हैं। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से बहस का दिन और समय तय करने की मांग करते हुए कहा कि विधानसभा एक संवैधानिक मंच है, जहां सार्थक चर्चा होनी चाहिए।
सदन में तीखी नोकझोंक
मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान विपक्ष की ओर से बार-बार टोका-टाकी हुई। शांति धारीवाल से हुई नोकझोंक के बीच मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा, “ड्राइव नहीं होगी तो पेन कहां से आएगा।” इस दौरान सदन का माहौल गरमा गया और कार्यवाही को आज की कार्यसूची पूरी होने तक बढ़ा दिया गया।
राम नाम, रोजगार और विपक्ष पर हमला
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि राम जी की कृपा से अब प्रदेश में 100 की जगह 125 दिन का रोजगार मिलेगा। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि राम नाम से इतनी परेशानी क्यों होती है। तंज कसते हुए कहा कि “राम नाम अपनाइए, वरना राजनीति में नजर भी नहीं आओगे।”
किसानों और युवाओं का मुद्दा
सीएम ने कहा कि कुछ लोग किसान बनने का दिखावा करते हैं, लेकिन गैंती पकड़ना भी नहीं जानते। वहीं युवाओं के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उन्हें भाषण नहीं, बल्कि निष्पक्ष परीक्षा और बराबरी का मौका चाहिए। पेपर लीक मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 140 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 428 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
विधायकों से संवाद पर बड़ा बयान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, कोई भी विधायक अगर उन्हें फोन करेगा तो या तो कॉल तुरंत उठेगी या फिर 24 घंटे के भीतर वापस जरूर आएगी। उन्होंने दावा किया कि रबी की फसल के समय प्रदेश में कहीं भी बिजली को लेकर किसानों का प्रदर्शन नहीं हुआ, जो सरकार की किसान-हितैषी नीति का प्रमाण है। कुल मिलाकर, बजट सत्र के इस अहम दिन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आक्रामक तेवरों, राजनीतिक तंज और बड़े ऐलानों के जरिए विपक्ष को घेरते हुए सरकार की दिशा और मंशा दोनों साफ कर दी।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







