राजस्थान: हुंडई कार में खामी, शाहरुख-दीपिका समेत 8 लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज

भरतपुर (Rajasthan News): राजस्थान के भरतपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक उपभोक्ता ने कार कंपनी हुंडई और उसके ब्रांड एंबेसडर शाहरुख खान व दीपिका पादुकोण समेत कुल 8 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। उपभोक्ता का आरोप है कि उसे लाखों रुपये खर्च कर खरीदी गई कार में शुरुआत से ही मैन्यूफैक्चरिंग डिफेक्ट मिला, लेकिन कंपनी ने उसकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया।

कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर

भरतपुर निवासी और पेशे से वकील कीर्ति सिंह ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि साल 2022 में उन्होंने 23.97 लाख रुपये की हुंडई अल्कजार कार खरीदी थी। इसके लिए उन्होंने 51,000 रुपये एडवांस और 10,03,699 रुपये का लोन लिया था। लेकिन कार लेते ही उसमें गंभीर तकनीकी खराबियां सामने आने लगीं।

कीर्ति सिंह के अनुसार, जब भी वे कार की स्पीड बढ़ाने की कोशिश करते, तो इंजन का आरपीएम (RPM) बढ़ जाता, कार जोर-जोर से वाइब्रेट करती लेकिन रफ्तार नहीं पकड़ती थी। इस शिकायत को जब डीलर तक पहुंचाया गया तो उन्हें बताया गया कि यह मैन्यूफैक्चरिंग डिफेक्ट है और इसे ठीक नहीं किया जा सकता।

डीलर ने यहां तक कहा कि जब भी समस्या आए, कार को एक घंटा खड़ी करके 2000 RPM पर चलाएं, ताकि “इंजन मैनेजमेंट सिस्टम मालफंक्शन” की चेतावनी हट जाए। इस तकनीकी खराबी के चलते कई बार उनके परिवार की जान तक खतरे में पड़ी।

जब कंपनी और डीलर ने न कार को वापस लिया और न ही सही तरीके से मरम्मत की, तो कीर्ति सिंह ने कानूनी रास्ता अपनाया। उन्होंने भरतपुर की सीजेएम कोर्ट संख्या 2 में निजी शिकायत (इस्तगासा) दायर की। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद मथुरा गेट थाना पुलिस ने धारा 420 (धोखाधड़ी) सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया।

ब्रांड एंबेसडर पर क्यों हुआ केस?

मामले में शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण का नाम इसलिए जुड़ा क्योंकि वे हुंडई के ब्रांड एंबेसडर हैं। कानून के तहत, यदि कोई सितारा किसी उत्पाद का प्रचार करता है और उस उत्पाद में खराबी निकलती है, तो उनकी भी जिम्मेदारी बनती है। शिकायतकर्ता ने कहा कि उन्होंने इन सितारों के विज्ञापनों पर भरोसा करके ही कार खरीदी थी।

पुलिस ने शुरू की जांच

भरतपुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह मामला न सिर्फ उपभोक्ता अधिकारों पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि ब्रांड एंबेसडर की जिम्मेदारी पर भी नई बहस छेड़ता है।

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Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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