आरव हत्याकांड: फांसी की सजा सुनते ही आरोपी अदालत में खुद को मारने लगा थप्पड…

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में डेढ़ साल के मासूम आरव की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। वारदात के महज 41 दिन के भीतर आए इस फैसले को त्वरित न्याय का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।

अदालत में सजा सुनते ही भावुक हुआ आरोपी

जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग ने जैसे ही आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुनाई, अदालत में सन्नाटा छा गया। सुनवाई के दौरान जब न्यायाधीश ने आरोपी से मासूम बच्चे की हत्या का कारण पूछा, तो वह भावुक हो गया और कथित तौर पर अदालत के भीतर खुद को थप्पड़ मारने लगा। हालांकि अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई।

41 दिन में पूरी हुई सुनवाई

शिकोहाबाद पुलिस और अभियोजन पक्ष ने मामले की तेजी से जांच पूरी की। पुलिस ने 30 मई 2026 को हुई घटना के बाद छह दिन के भीतर 80 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी। अदालत ने 9 जून को मामले का संज्ञान लिया और सात दिनों के भीतर 13 प्रमुख गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद 10 जुलाई को अदालत ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी ठहराया। पुलिस और प्रशासन ने इसे त्वरित न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

एकतरफा प्यार बना हत्या की वजह

जांच के अनुसार, बदायूं निवासी सुमित शर्मा और उनकी पत्नी रति शर्मा के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा था। रति अपने डेढ़ वर्षीय बेटे आरव के साथ शिकोहाबाद स्थित मायके में रह रही थीं। आरोप है कि रिश्ते का देवर विराज उर्फ जितेंद्र पाठक रति के करीब आने की कोशिश कर रहा था और उससे शादी करना चाहता था। जब रति ने इससे इनकार करते हुए कहा कि वह अपना जीवन बेटे आरव के साथ ही बिताएंगी, तो आरोपी ने बच्चे को अपनी राह का सबसे बड़ा बाधक मान लिया।

टॉफी दिलाने के बहाने ले गया, CCTV बना सबसे बड़ा सबूत

अभियोजन के अनुसार, 30 मई की शाम आरोपी मासूम आरव को टॉफी दिलाने का बहाना बनाकर घर से बाहर ले गया। आरोप है कि उसने घर के बाहर लगे CCTV कैमरे के सामने बच्चे को कई बार जमीन पर पटककर उसकी हत्या कर दी। सरकारी अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि CCTV फुटेज इस मामले का सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य बना। जांच के दौरान इसी वीडियो के आधार पर आरोपी के खिलाफ मजबूत सबूत पेश किए गए।

परिवार ने फैसले का किया स्वागत

अदालत के फैसले के बाद बच्चे के पिता सुमित शर्मा ने कहा कि उन्हें न्यायालय के निर्णय पर भरोसा है, लेकिन उन्हें वास्तविक संतोष तब मिलेगा जब सजा का पूरी तरह पालन होगा। मां रति शर्मा ने कहा कि अदालत के फैसले से उन्हें न्याय मिलने का एहसास हुआ है और उन्हें उम्मीद है कि उनके बेटे की आत्मा को शांति मिलेगी।

हाईकोर्ट में अपील करेगा आरोपी

सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी विराज ने अदालत में कहा कि घटना के समय वह नशे की हालत में था और वह इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेगा। वहीं, उसके परिजनों ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि वह नशे की लत और गलत संगत का शिकार हो गया था।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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