प्रशांत किशोर का तेजस्वी यादव और NDA पर हमला, बोले- गमछे का रंग बदलने से नहीं बदलता अपराधी का चरित्र

बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ कथित छेड़छाड़ और मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। इस मामले को लेकर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और NDA दोनों पर निशाना साधा है। उन्होंने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के कानून-व्यवस्था को लेकर दिए गए बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।

जमुई में 19 सितंबर को दो नाबालिग छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया था। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और अन्य संदिग्धों की तलाश के लिए SIT गठित की गई है।

तेजस्वी यादव पर प्रशांत किशोर का तंज

प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव के अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर बयान पर तंज कसते हुए कहा कि उनका अपराध पर बोलना ऐसा है जैसे कोई शेर शाकाहारी होने का दावा करे। यह तुलना प्रशांत किशोर पहले भी तेजस्वी यादव और RJD को लेकर अपने राजनीतिक बयानों में इस्तेमाल कर चुके हैं।

प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि RJD के शासनकाल से जुड़े अपराध और कानून-व्यवस्था के डर की वजह से बिहार की जनता ने NDA को समर्थन दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि जनता को विकास के बजाय RJD के डर ने NDA की ओर जाने के लिए प्रभावित किया।

‘गमछे का रंग बदलने से नहीं बदलता अपराधी का चरित्र’

NDA सरकार पर निशाना साधते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जिन परिस्थितियों और अपराध के डर से लोगों ने सत्ता परिवर्तन का समर्थन किया था, वही समस्या अलग राजनीतिक पहचान के साथ भी दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी व्यक्ति का चरित्र केवल गमछे का रंग बदलने से नहीं बदलता। उनके अनुसार पहले हरे गमछे के साथ अपराध की राजनीति के आरोप लगाए जाते थे और अब भगवा गमछे के साथ भी ऐसे आरोप सामने आ रहे हैं। प्रशांत किशोर के ये बयान उनके राजनीतिक आरोप हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि के तौर पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

जमुई मामले में वीडियो सामने आने के बाद हुई पुलिस कार्रवाई

पुलिस के अनुसार 19 सितंबर की शाम जमुई में दो नाबालिग छात्र कोचिंग के बाद लौट रहे थे। इसी दौरान एक समूह ने उन्हें कथित तौर पर रोका और उनके साथ मारपीट तथा छात्रा के साथ अभद्र व्यवहार किया। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। पुलिस ने मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और करीब सात संदिग्धों की पहचान किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले की जांच के लिए SIT बनाई गई है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो को प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है।

वीडियो वायरल नहीं होता तो घटना सामने आने पर उठाए सवाल

प्रशांत किशोर ने कहा कि घटना का वीडियो सामने आने के बाद ही पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई तेज हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आरोपियों द्वारा घटना का वीडियो रिकॉर्ड नहीं किया गया होता और वह सोशल मीडिया पर सामने नहीं आता, तो क्या यह मामला प्रशासन तक पहुंच पाता। उन्होंने पुलिस की उस कार्रवाई पर भी सवाल उठाया जिसमें वीडियो को शेयर करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। उनका कहना था कि प्राथमिकता घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की होनी चाहिए। हालांकि, पुलिस की ओर से नाबालिग की पहचान उजागर करने वाले वीडियो के प्रसार पर कार्रवाई का कारण पीड़िता की निजता और कानून के तहत उसकी पहचान की सुरक्षा बताया गया है।

‘अपनी बेटी को खुद पढ़ाओ और खुद बचाओ’ वाले बयान पर विवाद

प्रशांत किशोर ने बिहार में महिला और बाल सुरक्षा को लेकर सरकार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान पर तंज करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में लोगों को अपनी बेटियों की पढ़ाई और सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठानी पड़ रही है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले कुछ महीनों में इस तरह की कई घटनाएं सामने आई हैं। इस दावे के समर्थन में उन्होंने करीब 20 घटनाओं का उल्लेख किया, हालांकि इस संख्या का स्वतंत्र सत्यापन इस रिपोर्ट के लिए नहीं किया गया है।

शराब और बालू माफिया को लेकर भी उठाए सवाल

प्रशांत किशोर ने बिहार में अपराध रोकने के लिए पुलिस व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस को शराब और बालू के अवैध कारोबार से पूरी तरह अलग रखा जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पुलिसकर्मी अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के साथ मिलकर वसूली में लगे रहेंगे तो कानून का डर कायम करना मुश्किल होगा। उन्होंने जमुई की घटना में शामिल कुछ युवकों के बालू माफिया से जुड़े होने का दावा भी किया, लेकिन यह आरोप जांच का विषय है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

एनकाउंटर को लेकर भी प्रशांत किशोर ने दी प्रतिक्रिया

प्रशांत किशोर ने अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस एनकाउंटर के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि एनकाउंटर चाहे अपराधी करे या पुलिस अधिकारी, कानून के बाहर जाकर की गई कार्रवाई उचित नहीं मानी जा सकती।

जमुई मामले में पुलिस कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी के पैर में गोली लगने की खबर भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी की कार्रवाई के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की और पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ। इस मामले में पुलिस के दावे और पूरी घटना की परिस्थितियां जांच का विषय हैं।

जमुई की घटना के बाद बिहार में कानून-व्यवस्था और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। RJD समेत विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से घटना को लेकर कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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