झालावाड़ स्कूल हादसे में मृत बच्चों के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर नरेश मीणा का अनशन लगातार जारी है। जयपुर के शहीद स्मारक पर अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार (23 सितंबर) को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने फोन पर नरेश मीणा से बात कर उनका हालचाल जाना। नरेश मीणा ने पायलट का आभार जताया। इससे पहले हनुमान बेनीवाल और प्रताप सिंह जैसे नेताओं ने भी अस्पताल पहुंचकर उनका हाल जाना था। फिलहाल डॉक्टरों की टीम उनकी सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए है।
गहलोत ने की अनशन खत्म करने की अपील
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए नरेश मीणा से अनशन खत्म करने की अपील की। गहलोत ने लिखा— “नरेश मीणा पिछले 11 दिन से अनशन पर हैं। उनकी भावना अच्छी है कि वह झालावाड़ में स्कूल गिरने से मारे गए बच्चों के परिजनों को अधिक मुआवजा दिलाना चाहते हैं, लेकिन लंबे समय तक अनशन जारी रखने से उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को इस मामले में हस्तक्षेप कर अनशन तुड़वाने का प्रयास करना चाहिए।”
हादसे में गई थी 7 बच्चों की जान
झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में सरकारी स्कूल की जर्जर इमारत गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि 25 से अधिक बच्चे घायल हो गए थे। हादसे के समय स्कूल में 60 से ज्यादा बच्चे मौजूद थे। हादसे के बाद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने घटना की जिम्मेदारी लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। जांच के बाद डीईओ समेत 6 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। सरकार ने मृतक बच्चों के परिजनों को 13 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, संविदा के आधार पर चिकित्सा विभाग में नौकरी और गांव में 1 करोड़ 85 लाख रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की थी। वहीं गंभीर रूप से घायल बच्चों को 1.36 लाख रुपये और सामान्य घायलों को 75,400 रुपये की मदद दी गई थी।
नरेश मीणा की मांग
इन घोषणाओं के बावजूद नरेश मीणा का कहना है कि पीड़ित परिवारों को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। इसी मांग को लेकर उन्होंने मौन व्रत और अनशन शुरू किया था। तबीयत बिगड़ने के बाद वह अस्पताल में भर्ती हैं और फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







