मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में उठापटक का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों की कथित बगावत की चर्चाओं के बीच अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) को लेकर भी बड़ा राजनीतिक दावा सामने आया है। अजित पवार गुट के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री धर्माराव बाबा आत्राम ने दावा किया है कि एनसीपी (एसपी) के पांच सांसद उनकी पार्टी में शामिल होने की तैयारी कर चुके हैं। हालांकि, शरद पवार गुट ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे राजनीतिक प्रचार करार दिया है। लेकिन इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
‘एनसीपी लगातार मजबूत हो रही है’
अहेरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक धर्माराव बाबा आत्राम ने कहा कि उनकी पार्टी का जनाधार लगातार बढ़ रहा है और कई जनप्रतिनिधि विकास की राजनीति के लिए पार्टी से जुड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी कई पूर्व सांसद और विधायक पार्टी में शामिल हो चुके हैं और आने वाले समय में कुछ मौजूदा सांसद तथा विधायक भी पार्टी का दामन थाम सकते हैं। आत्राम का दावा है कि कई नेता वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में एनसीपी के साथ भविष्य देख रहे हैं।
‘ऑपरेशन नहीं, वे खुद आएंगे’
शिवसेना (शिंदे गुट) के कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर पूछे गए सवाल पर आत्राम ने कहा कि उनकी पार्टी किसी प्रकार का राजनीतिक अभियान नहीं चला रही है। उन्होंने कहा, “हम किसी को तोड़ने की कोशिश नहीं कर रहे। जो लोग विकास की राजनीति करना चाहते हैं, वे स्वयं हमारे साथ आना चाहते हैं। ऑपरेशन हमें नहीं करना पड़ेगा, तुतारी वाले खुद फैसला करेंगे।” यहां ‘तुतारी’ का संकेत एनसीपी (शरद पवार गुट) के चुनाव चिन्ह की ओर था।
12 दिसंबर तक बड़ा राजनीतिक बदलाव?
धर्माराव बाबा आत्राम ने दावा किया कि शरद पवार गुट के पांच सांसद 12 दिसंबर तक उनकी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने किसी भी सांसद का नाम सार्वजनिक नहीं किया। उन्होंने कहा कि कुछ वरिष्ठ स्तर की चर्चाएं जारी हैं और आने वाले महीनों में महाराष्ट्र की राजनीतिक तस्वीर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
शरद पवार गुट का तीखा पलटवार
आत्राम के दावों पर एनसीपी (एसपी) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। देशमुख ने कहा कि ऐसे दावों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है और यह केवल राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले आत्राम अपनी बेटी को एनसीपी (एसपी) से बाहर निकालकर दिखाएं, उसके बाद सांसदों और विधायकों को तोड़ने की बात करें।
महाविकास आघाड़ी में बढ़ी बेचैनी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (एसपी) को लेकर लगातार सामने आ रहे दावों ने महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के भीतर बेचैनी बढ़ा दी है। हालांकि अभी तक किसी सांसद या विधायक ने आधिकारिक तौर पर पाला बदलने की घोषणा नहीं की है, लेकिन इस तरह के बयानों ने राज्य की राजनीति को गर्मा दिया है। अब सभी की नजरें आने वाले दिनों पर टिकी हैं कि ये दावे केवल राजनीतिक बयानबाजी साबित होते हैं या वास्तव में महाराष्ट्र की राजनीति में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलता है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








