भारत का एक दुश्मन घटा: हार्ट अटैक से मरा मुंबई आतंकी हमले का मास्टरमाइंड मक्की

मुंबई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा के डिप्टी चीफ अब्दुल रहमान मक्की की शुक्रवार को हार्ट अटैक से मौत हो गई। आतंकी संगठन जमात-उद-दावा ने मक्की की मौत की पुष्टि करते हुए एक बयान जारी किया है। बयान के अनुसार, मक्की पिछले कुछ दिनों से बीमार था और उसे लाहौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उसे हार्ट अटैक आया और उसकी मौत हो गई।

कौन था अब्दुल रहमान मक्की?
अब्दुल रहमान मक्की, जो हाफिज सईद का करीबी रिश्तेदार और बहनोई था, जमात-उद-दावा का डिप्टी चीफ था। हाफिज सईद को मुंबई हमलों का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है। मक्की ने जमात-उद-दावा की कई आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया और फंडिंग जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आतंकी गतिविधियों और भारत पर हमले
मक्की पर भारत में कई आतंकी हमलों की साजिश रचने का आरोप था। इनमें 2000 का लाल किला हमला, 2018 का श्रीनगर हमला, और बारामूला आतंकी हमला शामिल हैं। बारामूला हमले में तीन नागरिक मारे गए थे, जबकि श्रीनगर में वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी और उनके सहयोगियों की हत्या की गई थी।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकवादी घोषित
संयुक्त राष्ट्र ने 2023 में अब्दुल रहमान मक्की को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किया था। उसके ऊपर यात्रा प्रतिबंध और संपत्तियों को जब्त करने के आदेश दिए गए थे। इसके बावजूद, मक्की पाकिस्तान में खुलेआम घूमता रहा।

पाकिस्तान का ढोंग
भारत की बार-बार की मांग के बावजूद, पाकिस्तान ने मक्की और अन्य आतंकियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। 2020 में उसे टेरर फाइनेंसिंग के आरोप में 6 महीने की सजा जरूर दी गई थी, लेकिन यह सिर्फ अंतरराष्ट्रीय दबाव का परिणाम था।

आतंकी संगठन का दावा
जमात-उद-दावा ने मक्की को “पाकिस्तान की विचारधारा का पैरोकार” बताया। पाकिस्तान की आतंकी नीति और मक्की जैसे आतंकियों के खुले समर्थन ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी साख को प्रभावित किया है।

भारत के लिए राहत
मक्की की मौत भारत के लिए एक राहत है। वह न केवल आतंकी गतिविधियों का मास्टरमाइंड था, बल्कि भारत के खिलाफ कई साजिशों में भी शामिल था। उसकी मौत से आतंकी संगठन को एक बड़ा झटका लगा है।

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