राजस्थान कांस्टेबल भर्ती-2017 परीक्षा धांधली मामले में SOG की बड़ी कार्रवाई, एक और आरोपी गिरफ्तार

जयपुर। राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती-2017 की ऑनलाइन परीक्षा में संगठित तरीके से की गई धांधली के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। डीडवाना-कुचामन जिले के नागवारा निवासी कानाराम को परीक्षा में अनियमितता और सॉल्वर गैंग की मदद से अभ्यर्थी को फायदा पहुंचाने के आरोप में पकड़ा गया है। इस कार्रवाई के साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है। एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) विशाल बंसल ने बताया कि इस मामले की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी, जब एपटेक कंपनी के कर्मचारी रोहन कपूर ने परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके बाद एसओजी ने व्यापक जांच शुरू की, जिसमें बड़े पैमाने पर तकनीकी छेड़छाड़ और संगठित परीक्षा गिरोह का खुलासा हुआ।

परीक्षा केंद्र पर रची गई थी साजिश

जांच के अनुसार जयपुर के मालवीय नगर स्थित सरस्वती इन्फोटेक परीक्षा केंद्र पर आयोजित कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए सुनियोजित षड्यंत्र रचा गया था। आरोप है कि परीक्षा केंद्र के कुछ कर्मचारियों ने बाहरी लोगों के साथ मिलकर कंप्यूटर सिस्टम में तकनीकी हस्तक्षेप किया। एसओजी की जांच में सामने आया कि अभ्यर्थी हीरालाल को विशेष योजना के तहत मदद पहुंचाई गई। 9 मार्च 2018 को परीक्षा की दूसरी पारी में उसे पहले सीट संख्या 53 आवंटित की गई थी, लेकिन बाद में साजिश के तहत उसे सीट संख्या 66 पर स्थानांतरित कर दिया गया, ताकि तकनीकी छेड़छाड़ को अंजाम दिया जा सके।

रिमोट सॉफ्टवेयर के जरिए हल करवाया गया पेपर

जांच में खुलासा हुआ कि सीट बदलने के बाद संबंधित कंप्यूटर को लॉगऑफ कर दोबारा चालू किया गया। इसके बाद पेन ड्राइव की मदद से उसमें रिमोट कंट्रोल सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया गया। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से कंप्यूटर का नियंत्रण परीक्षा केंद्र से दूर बैठे सॉल्वर को दे दिया गया। सॉल्वर ने रिमोट एक्सेस के जरिए अभ्यर्थी की स्क्रीन को नियंत्रित करते हुए प्रश्नों के उत्तर हल किए और सीधे सिस्टम में दर्ज कर दिए। इस पूरी प्रक्रिया को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया ताकि परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को भेदा जा सके।

सीसीटीवी और डिजिटल साक्ष्यों से खुलासा

एसओजी की तकनीकी जांच, डिजिटल साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के दौरान पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। जांच अधिकारियों के अनुसार परीक्षा केंद्र के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

एसओजी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और इस संगठित गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है और जल्द ही कुछ अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव है। राजस्थान की बहुचर्चित कांस्टेबल भर्ती परीक्षा धांधली मामले में एसओजी की यह कार्रवाई भर्ती परीक्षाओं में तकनीकी हेरफेर और संगठित नकल गिरोहों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के रूप में देखी जा रही है।

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Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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