राजस्थान में आगामी नगर निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच गुरुवार को प्रदेश के 309 शहरी निकायों में अध्यक्ष (मेयर/अध्यक्ष/सभापति) पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। स्वायत्त शासन विभाग (DLB) भवन में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह लॉटरी प्रक्रिया ऑफलाइन आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
लॉटरी के नतीजों के तहत जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और उदयपुर नगर निगम को अनारक्षित (सामान्य) रखा गया है, यानी यहां किसी भी वर्ग का प्रत्याशी मेयर बन सकेगा। वहीं, कोटा नगर निगम को ओबीसी महिला के लिए आरक्षित किया गया है।
9 नगर निगमों में महिलाओं का दबदबा
प्रदेश के प्रमुख नगर निगमों में इस बार महिलाओं का वर्चस्व देखने को मिलेगा। 10 में से 6 निगमों की कमान महिलाओं के हाथ में होगी:
| नगर निगम | आरक्षित वर्ग (2026) | स्थिति |
| जयपुर | सामान्य (ओपन) | अनारक्षित |
| जोधपुर | सामान्य (ओपन) | अनारक्षित |
| बीकानेर | सामान्य (ओपन) | अनारक्षित |
| उदयपुर | सामान्य (ओपन) | अनारक्षित |
| कोटा | ओबीसी महिला | आरक्षित |
| अजमेर | सामान्य महिला | आरक्षित |
| अलवर | सामान्य महिला | आरक्षित |
| भीलवाड़ा | सामान्य महिला | आरक्षित |
| भरतपुर | सामान्य महिला | आरक्षित |
| पाली | सामान्य महिला | आरक्षित |
309 निकायों का संपूर्ण आरक्षण गणित
प्रदेश की सभी 309 नगरीय निकायों में श्रेणियों के अनुसार आरक्षण का विवरण इस प्रकार है:
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अनुसूचित जाति (SC): कुल 50 निकाय (इनमें से 16 महिला हेतु आरक्षित)
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अनुसूचित जनजाति (ST): कुल 11 निकाय (इनमें से 3 महिला हेतु आरक्षित)
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अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): कुल 60 निकाय (इनमें से 21 महिला हेतु आरक्षित)
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अनारक्षित (General): कुल 188 निकाय (इनमें से 62 महिला हेतु आरक्षित)
संभागवार आरक्षण की प्रमुख स्थिति
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जयपुर संभाग: संभाग के 19 निकायों को ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। इनमें दौसा, बांदीकुई, नीमराना, खेतड़ी, खाटूश्यामजी और नौगांव ओबीसी महिला श्रेणी में आए हैं। वहीं चाकसू, फुलेरा, जोबनेर, बहरोड़, पिलानी और नीमकाथाना को अनारक्षित रखा गया है।
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अजमेर संभाग: अजमेर संभाग में नावां, नागौर, हमीरगढ़, रियाबड़ी, सरवाड़, लाडनूं, जायल, डीडवाना, बासनी और जैतारण ओबीसी वर्ग के खाते में गए हैं। संभाग के 28 निकाय अनारक्षित वर्ग के लिए तय हुए हैं।
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कोटा संभाग: कोटा, अकलेरा, झालावाड़, अंता और सुकेत को ओबीसी के लिए आरक्षित किया गया है।
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बीकानेर संभाग: लूणकरणसर, सुजानगढ़, खाजूवाला, केसरीसिंहपुर, सरदारशहर, राजगढ़, चूरू और नोखा निकाय ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हुए हैं।
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भरतपुर संभाग: राजाखेड़ा और सरमथुरा को ओबीसी महिला के लिए रिजर्व किया गया है, जबकि रूपवास, बौंली, बृजनगर और सवाई माधोपुर ओबीसी वर्ग में रखे गए हैं।
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उदयपुर संभाग: सागवाड़ा, देवगढ़, धरियावद, कानोड़ और कुशलगढ़ ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित रहे हैं। सागवाड़ा और देवगढ़ में ओबीसी महिला प्रमुख बनेंगी।
पारदर्शिता के चलते ऑफलाइन निकाली गई लॉटरी
स्वायत्त शासन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कुछ राजनीतिक दलों ने ऑनलाइन कंप्यूटराइज्ड लॉटरी प्रणाली में पारदर्शिता को लेकर अपनी आशंकाएं व्यक्त की थीं। निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ऑफलाइन पर्ची निकालकर लॉटरी पूरी की। आरक्षण की घोषणा के साथ ही प्रदेश में निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







