Rajasthan Panchayat Election 2026: राजस्थान में नगर निकाय चुनावों के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। गांवों और ढाणियों में सरपंच, पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनावों का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि, प्रशासनिक व्यस्तता के कारण चुनाव की तैयारियों में देरी हुई है। पहले 23 सितंबर को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा प्रस्तावित थी, लेकिन आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया में देरी के चलते यह कार्यक्रम तय समय पर जारी नहीं हो सका।
राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायती राज और नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 तक पूरी करने की समय-सीमा तय की है। ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग के सामने अब शेष प्रक्रिया को निर्धारित अवधि में पूरा करने की चुनौती है। आरक्षण लॉटरी पूरी होने के बाद अब आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम का इंतजार किया जा रहा है।
नगर निकाय चुनावों के कारण पंचायत चुनाव की तैयारियों में देरी
राजस्थान में सितंबर महीने के दौरान जिला कलेक्टर, उपखंड अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी नगर निकाय चुनावों की प्रक्रिया में व्यस्त रहे। इसी वजह से पंचायती राज संस्थाओं के विभिन्न पदों के लिए आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया पहले तय तारीखों पर पूरी नहीं हो सकी।
शुरुआत में आरक्षण लॉटरी 17 और 18 सितंबर को प्रस्तावित थी, लेकिन इसे आगे बढ़ाकर 23 और 24 सितंबर कर दिया गया। इसके बाद जिला परिषद सदस्य, प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों के पदों के लिए 23 सितंबर को तथा सरपंच और वार्ड पंच के पदों के लिए 24 सितंबर को आरक्षण लॉटरी आयोजित की गई।
23 सितंबर को चुनाव की घोषणा का प्रस्तावित कार्यक्रम नहीं हुआ लागू
राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में पेश किए गए प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, पंचायत चुनाव की प्रक्रिया 23 सितंबर से शुरू होनी थी। इसके बाद 28 सितंबर को अधिसूचना जारी करने और नामांकन प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव था।
हालांकि, आरक्षण लॉटरी में देरी के कारण यह प्रस्तावित कार्यक्रम लागू नहीं हो सका। ऐसे में चुनाव की अधिसूचना और मतदान की तारीखों में बदलाव की संभावना है। फिलहाल आयोग की ओर से नए चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
15 नवंबर तक चुनाव कराने की हाईकोर्ट की समय-सीमा
राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के चुनाव 15 नवंबर 2026 तक संपन्न कराने की समय-सीमा तय की है। अदालत में पेश किए गए प्रस्तावित कार्यक्रम में पंचायत चुनाव के विभिन्न चरणों के लिए अक्टूबर और नवंबर की तारीखें रखी गई थीं।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, पंच और सरपंच पदों के लिए अक्टूबर में चरणबद्ध मतदान होना था। वहीं, पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव भी अलग-अलग चरणों में कराने की योजना थी। इन तारीखों को आधिकारिक कार्यक्रम नहीं माना जा सकता, क्योंकि चुनाव आयोग की अधिसूचना जारी होना अभी बाकी है।
आरक्षण लॉटरी पूरी, अब चुनाव कार्यक्रम का इंतजार
पंचायती राज विभाग ने 23 और 24 सितंबर को आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया पूरी की। इसके तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए विभिन्न पदों पर आरक्षण निर्धारित किया गया।
23 सितंबर को जिला परिषद सदस्य, प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों के पदों के लिए जिला स्तर पर लॉटरी निकाली गई। वहीं, 24 सितंबर को सरपंच और वार्ड पंच के पदों के लिए उपखंड स्तर पर प्रक्रिया पूरी की गई। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद अब चुनाव कार्यक्रम जारी करने की तैयारी आगे बढ़ सकती है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने अफवाहों से बचने की अपील की
पंचायत चुनाव की तारीखों को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। ऐसे में राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने स्पष्ट किया है कि चुनाव कार्यक्रम की जानकारी आधिकारिक घोषणा के बाद ही मान्य होगी। उन्होंने संभावित उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों से सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट तारीखों पर भरोसा नहीं करने की अपील की है।
आयोग को आरक्षण से संबंधित जानकारी मिलने और आवश्यक तैयारियां पूरी होने के बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित करना है। इसमें मतदान के चरण, नामांकन, मतगणना और अन्य प्रक्रियाओं की तारीखें शामिल होंगी।
पंचायत चुनाव की नई तारीखों पर सबकी नजर
आरक्षण लॉटरी पूरी होने के बाद अब राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत चुनाव की तारीखों को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। संभावित उम्मीदवार और राजनीतिक दल आधिकारिक कार्यक्रम का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, हाईकोर्ट की 15 नवंबर की समय-सीमा को देखते हुए चुनाव प्रक्रिया के लिए उपलब्ध समय भी सीमित है।
अब यह देखना होगा कि राज्य निर्वाचन आयोग नया चुनाव कार्यक्रम कब जारी करता है और उसमें मतदान के लिए कौन-सी तारीखें तय की जाती हैं।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







