Ranthambore: स्टंट के लिए वायरल चट्टान का आधा हिस्सा गिरा, वन विभाग की सख्ती से टला बड़ा हादसा

सवाई माधोपुर: रणथंभौर अभयारण्य के इंडाला वन क्षेत्र में स्टंट के लिए चर्चित चट्टान का बड़ा हिस्सा शनिवार देर शाम हुई भारी बारिश के दौरान भरभराकर नीचे गिर गया। मिट्टी के कटाव के कारण चट्टान का करीब आधा हिस्सा टूटकर नीचे आ गया। गनीमत रही कि वन विभाग की ओर से पहले ही चट्टान के आसपास सख्ती और निगरानी बढ़ा दी गई थी। घटना के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। पीर बाबा दरगाह के मुख्य गेट के पास स्थित इस चट्टान पर युवाओं के जान जोखिम में डालकर स्टंट करने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इन वीडियो में युवा चट्टान पर लटकते और खतरनाक तरीके से वीडियो बनाते नजर आए थे। मामला सामने आने के बाद वन विभाग और पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए इलाके में निगरानी बढ़ा दी थी।

वायरल वीडियो के बाद वन विभाग ने बढ़ाई सख्ती

चट्टान पर स्टंट के वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग सक्रिय हुआ। विभाग ने चट्टान के आसपास चार वनकर्मियों को तैनात कर दिया था। जवान लगातार इलाके में निगरानी कर रहे थे और युवाओं को चट्टान की ओर जाने से रोक रहे थे। वन विभाग की ओर से लोगों की आवाजाही पर रोक लगाने का निर्णय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया था। शनिवार को हुई भारी बारिश के दौरान चट्टान का बड़ा हिस्सा गिरने से यह भी स्पष्ट हो गया कि इस स्थान पर स्टंट करना कितना खतरनाक हो सकता था।

सोशल मीडिया वीडियो से स्टंट करने वालों की पहचान

पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और पोस्ट के आधार पर स्टंट करने वाले युवाओं की पहचान में जुटी है। अधिकारियों की ओर से संबंधित युवाओं से सोशल मीडिया पर अपलोड की गई खतरनाक रील हटवाने के साथ भविष्य में ऐसे जानलेवा स्टंट नहीं करने की समझाइश भी दी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, चट्टान पर लटककर या अन्य खतरनाक तरीके से वीडियो बनाने वालों के खिलाफ शांतिभंग के तहत कार्रवाई भी की जा रही है। वन विभाग का कहना है कि पर्यटकों और स्थानीय युवाओं की सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

मिट्टी के कटाव से कमजोर हुई चट्टान

भारी बारिश के दौरान मिट्टी के कटाव के कारण चट्टान का करीब आधा हिस्सा टूटकर नीचे आ गया। बारिश के मौसम में मिट्टी का कटाव और चट्टानों का कमजोर होना ऐसे स्थानों पर जोखिम बढ़ा देता है। यही वजह है कि वन विभाग ने पहले से ही इस क्षेत्र में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा रखी थी। यदि वन विभाग की ओर से समय रहते निगरानी और सख्ती नहीं की गई होती तो चट्टान गिरने के समय वहां मौजूद लोगों के साथ गंभीर हादसा हो सकता था।

चार जवान लगातार कर रहे निगरानी

रेंजर विजय मीणा ने बताया कि चट्टान के आसपास किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए चार जवान लगातार तैनात हैं। युवाओं की आवाजाही पर रोक लगाई गई है और पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है। चट्टान का हिस्सा गिरने की घटना के बाद वन विभाग की निगरानी और भी महत्वपूर्ण हो गई है। विभाग की प्राथमिकता क्षेत्र में लोगों को जोखिम वाले स्थानों से दूर रखना और किसी संभावित हादसे को रोकना है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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