जोधपुर: राजस्थान के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा को निशाना बनाने की कथित साजिश के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जोधपुर पुलिस और एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) की संयुक्त टीम ने हरियाणा के सोनीपत से मुख्य आरोपी साहिल को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच के अनुसार, विदेश से आपराधिक गतिविधियां संचालित करने वाले गैंगस्टर आरजू बिश्नोई का नाम इस कथित साजिश से जुड़ा सामने आया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि संयम लोढ़ा को निशाना बनाने के पीछे कथित तौर पर रंगदारी वसूली का मकसद था या कोई पुरानी रंजिश। साथ ही जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि लोढ़ा की रोजमर्रा की गतिविधियों और आवाजाही से जुड़ी जानकारी आपराधिक नेटवर्क तक कैसे पहुंची।
विदेश से साजिश और साहिल को मिली जिम्मेदारी
पुलिस अनुसंधान के अनुसार, आरजू बिश्नोई ने हरियाणा के सोनीपत निवासी साहिल को संयम लोढ़ा को निशाना बनाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। जांच में आरोप है कि साहिल ने अन्य साथियों के साथ मिलकर शूटर्स के ठहरने, रेकी और वारदात के बाद उन्हें राजस्थान से बाहर निकालने की व्यवस्था की थी।
पुलिस के मुताबिक, कथित योजना के तहत 18 सितंबर को वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर्स को दूसरे वाहन से राजस्थान से बाहर ले जाने की तैयारी थी। हालांकि, समय रहते मिले खुफिया इनपुट और पुलिस की कार्रवाई के कारण कथित योजना सफल नहीं हो सकी।
सोनीपत में दबिश देकर साहिल को पकड़ा
जोधपुर पुलिस और AGTF ने तकनीकी सर्विलांस तथा खुफिया जानकारी के आधार पर हरियाणा के सोनीपत में कार्रवाई की और साहिल को गिरफ्तार किया। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
इससे पहले भी पुलिस इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें हरियाणा के पानीपत निवासी राहुल, सोनीपत के गन्नौर निवासी सूरज सरोहा उर्फ टालू और हंशू शामिल हैं। इसके अलावा पंजाब के दो कथित इनामी शूटर जसकरण सिंह उर्फ करण उर्फ सन्नी उर्फ कट्टा और राजेंद्र उर्फ बिल्ला को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
शूटरों ने की थी लोढ़ा की रेकी
पुलिस जांच में सामने आया है कि कथित शूटरों ने संयम लोढ़ा की सुरक्षा व्यवस्था और उनकी आवाजाही से जुड़े रास्तों की रेकी की थी। इससे पहले की कार्रवाई में पुलिस ने दो कथित शूटरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से विदेशी पिस्टल और करीब 36 कारतूस बरामद किए थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास संयम लोढ़ा की तस्वीर भी मिली थी।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने सिरोही क्षेत्र में लोढ़ा के फार्महाउस के आसपास कई दिनों तक गतिविधियों पर नजर रखी थी। जांच में होटल और अन्य स्थानों के सीसीटीवी फुटेज तथा मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाला गया।
नेपाल से राजस्थान पहुंचे थे कथित शूटर
पहले गिरफ्तार किए गए दो कथित शूटरों के बारे में पुलिस ने बताया था कि वे नेपाल में रह रहे थे और वहां से मध्य प्रदेश के रास्ते राजस्थान पहुंचे थे। दोनों ने कथित तौर पर सिरोही क्षेत्र में ठहरकर फार्महाउस की रेकी की। बाद में वे जोधपुर पहुंचे, जहां फर्जी पहचान दस्तावेजों के इस्तेमाल का भी आरोप सामने आया।पुलिस के अनुसार, कथित शूटरों के पास से तुर्की और ऑस्ट्रेलिया निर्मित पिस्टल तथा 36 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इन हथियारों की बरामदगी को जांच में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
संयम लोढ़ा को क्यों बनाया गया निशाना?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल कथित साजिश के पीछे के मकसद को लेकर है। पुलिस अभी कई एंगल से जांच कर रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, जांच एजेंसियां पुराने विवाद, कथित रंगदारी और आपराधिक नेटवर्क के प्रभाव से जुड़े पहलुओं को भी देख रही हैं। फिलहाल पुलिस ने अंतिम मकसद को लेकर कोई निष्कर्ष घोषित नहीं किया है।
जांच में सामने आ रही नेटवर्क की कड़ियां
साहिल की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे और संयम लोढ़ा से जुड़ी जानकारी आरोपियों तक किस माध्यम से पहुंची। पुलिस का फोकस कथित तौर पर विदेश से संचालित नेटवर्क और उसके स्थानीय सहयोगियों के बीच संपर्क की कड़ियों को जोड़ने पर भी है।
मामले में अब तक हुई गिरफ्तारियों और हथियारों की बरामदगी के बाद जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस की आगामी कार्रवाई से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि इस कथित साजिश में किसकी क्या भूमिका थी और इसके पीछे वास्तविक मकसद क्या था।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।






