नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर जारी विवाद के बीच बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश में चल रही असली साजिश भारतीय नागरिकों को उनके लोकतांत्रिक और संवैधानिक मतदान के अधिकार से वंचित करना है। थरूर ने कहा कि इस कथित साजिश का पर्दाफाश कर इसे खत्म किया जाना चाहिए, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सके।
थरूर की यह टिप्पणी उस रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के कुछ फैसलों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों अधिकारियों ने कुछ महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी और उनमें अपनी सहमति को लेकर सवाल उठाए थे। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आपत्तियों को अंतिम फैसलों में संस्थागत असहमति मानने से इनकार किया है।
शशि थरूर बोले- हर पात्र नागरिक को मिले वोट देने का अधिकार
शशि थरूर ने कहा कि लोकतंत्र में हर भारतीय नागरिक को वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए। उनके अनुसार, यदि कुछ ऐसे लोग मतदान कर भी लेते हैं जो इसके पात्र नहीं हैं, तो उससे बड़ी समस्या यह होगी कि बड़ी संख्या में पात्र नागरिकों को वोट देने से रोक दिया जाए। थरूर ने कहा कि पांच या दस अपात्र लोगों के मतदान करने की तुलना में करोड़ों योग्य नागरिकों को उनके मताधिकार से वंचित करना कहीं अधिक गंभीर मामला है। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर वास्तविक हमला बताया और कहा कि इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
चुनाव आयोग के दो आयुक्तों की 14 आपत्तियों पर विवाद
चुनाव आयोग को लेकर विवाद एक रिपोर्ट के बाद तेज हुआ। इसमें दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीने के दौरान कम से कम 14 बार कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इन आपत्तियों में नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने, अपील दायर करने और मतदाता सूची से जुड़े डिजिटल सिस्टम के नियंत्रण जैसे मुद्दे शामिल थे। कुछ मामलों में दोनों आयुक्तों ने सवाल उठाया था कि आयोग के नाम पर जारी किए गए फैसलों की जानकारी उन्हें क्यों नहीं दी गई। हालांकि, इन रिपोर्टों के सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि मसौदा तैयार करने के दौरान अधिकारियों की ओर से सवाल, सुझाव और आपत्तियां उठाना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
चुनाव आयोग ने सभी फैसलों को बताया सर्वसम्मत
चुनाव आयोग ने रिपोर्ट में उठाए गए सवालों के जवाब में कहा कि SIR सहित आयोग के सभी महत्वपूर्ण फैसले तीनों आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं। आयोग के मुताबिक, मसौदा तैयार करने के दौरान उठाए गए परिचालन संबंधी सवालों को अंतिम निर्णयों से असहमति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। आयोग ने यह भी कहा कि केवल कुछ आंतरिक नोट्स पर ध्यान देने से पूरी प्रक्रिया की तस्वीर सामने नहीं आती। उसके अनुसार, निर्णय लेने की प्रक्रिया में सुझाव और आपत्तियां दर्ज होना सामान्य बात है।
CWC की बैठक में SIR मुद्दे पर होगी चर्चा
थरूर ने बताया कि वह कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए सोमवार रात लौटेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े इस मुद्दे को लेकर चिंतित हैं। थरूर के मुताबिक, कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में चुनाव आयोग के कामकाज और SIR से जुड़े विवाद पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता की रक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, इसलिए इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा जरूरी है।
भारत की वनडे जीत पर भी बोले थरूर
SIR विवाद के अलावा शशि थरूर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत के वनडे मैच पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें भारतीय टीम की जीत देखकर खुशी हुई। हालांकि, वह मैच के शुरुआती कुछ घंटे नहीं देख पाए, क्योंकि उपराष्ट्रपति शहर में मौजूद थे। थरूर ने कहा कि भारत की आसान जीत संतोषजनक रही, लेकिन वह मैच की शुरुआत में टीम का और अधिक प्रभावशाली प्रदर्शन देखना पसंद करते।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।






